क्या है नई NPS संचय योजना? जानिए निवेश और निकासी के नियम
क्या है खबर?
भारत में पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने NPS संचय नाम की नई पेंशन योजना शुरू की है। यह नेशनल पेंशन सिस्टम का आसान रूप है, जिसे खास तौर पर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए बनाया गया है। देश के करोड़ों दिहाड़ी मजदूर, गिग वर्कर और स्वरोजगार करने वाले लोग अब इस योजना से जुड़ सकेंगे। इसका मकसद ऐसे लोगों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है, जिनकी पहुंच अब तक औपचारिक पेंशन योजनाओं तक नहीं थी।
नियम
कौन खोल सकता है खाता?
NPS संचय खाता 18 से 85 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक खोल सकता है। लोग यह खाता ऑनलाइन या पॉइंट ऑफ प्रेजेंस केंद्रों के जरिए खोल पाएंगे। इसके लिए जरूरी KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी और पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। योजना में निवेश का तरीका मौजूदा सरकारी NPS योजनाओं जैसा ही रखा गया है। इसमें पेंशन फंड मैनेजर बदलने और निवेश विकल्प चुनने की सुविधा भी दी जाएगी।
नियम
निवेश और निकासी के नियम
PFRDA के अनुसार, NPS संचय में निवेश और निकासी के नियम मौजूदा NPS सिस्टम जैसे ही रहेंगे। इस योजना के तहत आंशिक निकासी और रिटायरमेंट के समय पैसे निकालने की सुविधा पहले से लागू नियमों के हिसाब से मिलेगी। योजना में लगने वाले शुल्क भी सामान्य NPS योजनाओं जैसे ही होंगे। सरकार ने फिलहाल शुरुआती निवेश और बाद में जमा होने वाली रकम के नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है, जिससे लोगों के लिए इसे समझना आसान रहेगा।
फोकस
असंगठित क्षेत्र पर रहेगा फोकस
यह योजना खास तौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर लाई गई है, जिनकी आमदनी नियमित नहीं होती और जो अब तक पेंशन योजनाओं से दूर रहे हैं। इनमें गिग वर्कर, छोटे दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर और स्वरोजगार करने वाले लोग शामिल हैं। PFRDA का कहना है कि NPS संचय निवेश की जटिल प्रक्रिया को आसान बनाएगा। इससे पहली बार निवेश करने वाले लोगों को भी बिना ज्यादा जानकारी के रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करने में मदद मिलेगी।