क्या होता है टॉप-अप लोन? इसको लेकर इन बातों का रखें ध्यान
क्या है खबर?
कई बार लोगों को घर की मरम्मत, पढ़ाई, इलाज, बिजनेस बढ़ाने या पुराने कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त पैसों की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में नया लोन लेने के बजाय बैंक और वित्तीय कंपनियां टॉप-अप लोन की सुविधा देती हैं। यह उसी व्यक्ति को दिया जाता है, जिसके पास पहले से कोई सक्रिय लोन हो। अगर ग्राहक ने पुराने लोन की किस्तें समय पर भरी हैं, तो बैंक उसी लोन के आधार पर रकम मंजूर कर सकता है।
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कैसे मिलता है टॉप-अप लोन?
टॉप-अप लोन देने से पहले बैंक ग्राहक की वित्तीय स्थिति की जांच करता है। इसमें पुराने लोन की भुगतान हिस्ट्री, मासिक आय, क्रेडिट स्कोर और बाकी बची रकम जैसी बातों को देखा जाता है। अगर होम लोन या प्रॉपर्टी से जुड़ा मामला हो, तो संपत्ति की कीमत भी महत्वपूर्ण होती है। चूंकि ग्राहक पहले से बैंक से जुड़ा होता है, इसलिए जांच प्रक्रिया सामान्य लोन की तुलना में तेज हो जाती है और मंजूरी मिलने में कम समय लगता है।
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लोग क्यों पसंद करते हैं यह सुविधा?
टॉप-अप लोन को लोग इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इसकी ब्याज दरें सामान्य पर्सनल लोन से कम हो सकती हैं। इसके अलावा, इसका प्रोसेस भी आसान और जल्दी पूरा हो जाता है। इस रकम का इस्तेमाल पढ़ाई, मेडिकल खर्च, घर सुधारने या दूसरे कर्ज चुकाने जैसे जरूरी कामों में किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टॉप-अप लोन तभी लेना बेहतर माना जाता है जब आय स्थिर हो और पहले से ज्यादा कर्ज का बोझ न हो।
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लोन लेने से पहले क्या ध्यान रखें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टॉप-अप लोन लेने से पहले ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, EMI और भुगतान अवधि की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। कम EMI देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना आगे चलकर आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। लोगों को अपनी भविष्य की कमाई और खर्च का सही अंदाजा लगाकर ही अतिरिक्त लोन लेना चाहिए। सही योजना के साथ लिया गया टॉप-अप लोन जरूरत के समय मददगार साबित हो सकता है, लेकिन बिना तैयारी लिया गया कर्ज परेशानी बढ़ा सकता है।