पासवर्ड से सुरक्षित रहती है डिजिटल संपत्ति, जानिए व्यक्ति की मौत के बाद क्या होगा
क्या है खबर?
पहले लोगों की संपत्ति लॉकर, पासबुक, संपत्ति के कागजात और कागज पर लिखी वसीयत में होती थी, लेकिन अब वित्तीय जीवन का एक बड़ा हिस्सा पासवर्ड के पीछे छिपा है। UPI ऐप्स, डिजिटल वॉलेट, ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट, क्रिप्टो एक्सचेंज, रिवॉर्ड पॉइंट्स और सब्सक्रिप्शन बैलेंस में होता है। ऐसे में उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो इस तक पहुंच आसान नहीं होती है। आइये जानते हैं व्यक्ति की मौत होने पर डिजिटल संपत्ति का क्या होगा।
समस्या
डिजिटल अकाउंट के क्रेडेंशियल्स पता रखना जरूरी
पारंपरिक संपत्तियों में आमतौर पर नॉमिनी, दस्तावेजी रिकॉर्ड और स्पष्ट कानूनी प्रक्रियाएं होती हैं। डिजिटल अकाउंट हमेशा इस तरह काम नहीं करते। इनमें से कई ऐप-आधारित होते हैं, जो व्यक्तिगत फोन, ईमेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से जुड़े होते हैं। अगर, किसी को क्रेडेंशियल्स का पता नहीं है तो पहुंच तुरंत बंद हो जाती है। भले ही परिवार को पता हो कि पैसा मौजूद है, लेकिन स्वामित्व साबित करना मुश्किल हो जाता है।
UPI
UPI वॉलेट में जमा पैसा ऐसे मिलेगा
बैंक, वॉलेट कंपनियां और प्लेटफॉर्म डाटा सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं। वे बिना दस्तावेज के परिवार के सदस्यों को भी आसान पहुंच प्रदान नहीं करते। UPI से जुड़े अकाउंट तकनीकी रूप से सामान्य बैंकिंग नियमों के अंतर्गत आते हैं। अगर, खाते में कोई नॉमिनी है तो बैलेंस ट्रांसफर किया जा सकता है। UPI ऐप मोबाइल नंबर और डिवाइस से जुड़ा होता है तो परिवारों को बैलेंस या ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक करने के लिए लॉग-इन करने में परेशानी होती है।
वॉलेट
वॉलेट में जमा रकम ऐसे मिलेगी
कुछ डिजिटल वॉलेट में नॉमिनेशन की सुविधा होती है, जबकि कई में नहीं होती है। वॉलेट बैलेंस, कैशबैक और स्टोर्ड वैल्यू के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, क्षतिपूर्ति बांड और लंबी ईमेल बातचीत की आवश्यकता हो सकती है। छोटी रकम को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के मामले में नामांकित व्यक्ति पंजीकृत है और उसका KYC रिकॉर्ड सही है तो हस्तांतरण हो जाता है। अन्यथा कानूनी वारिसों को शपथ पत्र और उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जमा करने पड़ते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी
क्रिप्टोकरेंसी का पैसा निकालना मुश्किल
क्रिप्टोकरेंसी के मामले में परेशानी ज्यादा है। भारत में अधिकांश क्रिप्टो एक्सचेंज में उत्तराधिकार संबंधी स्पष्ट प्रक्रियाएं नहीं हैं। अगर, प्राइवेट की, सीड फ्रेज या एक्सचेंज लॉग-इन खो जाते हैं तो संपत्ति हमेशा के लिए खो जाती है। उन्हें वापस पाने के लिए कोई हेल्पलाइन भी नहीं है। भले ही परिवार को क्रिप्टो की जानकारी हो, लेकिन क्रेडेंशियल के बिना इसे एक्सेस करना लगभग असंभव है। यह बिना चाबी के तिजोरी में बंद नकदी की तरह है।
समाधान
इस तरह से करें समस्या का समाधान
इसका समाधान बहुत मुश्किल नहीं है, बस इसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है। डिजिटल संपत्तियों का सुरक्षित रिकॉर्ड रखें, पासवर्ड लिखकर रखें और एक सूची तैयार करें, जिसमें लिखा हो कि कौन-सी संपत्ति मौजूद है और कहां है। जहां भी संभव हो नाॅमिनी बनाएं। परिवार के लोगों को इसका पता होना चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी के लिए सुनिश्चित करें कि किसी भरोसेमंद व्यक्ति को पता हो कि एक्सेस कैसे काम करता है, भले ही उसे सटीक की न पता हो।