शादी के बाद EPF नॉमिनी नहीं बदला तो क्या होगा? जानिए नियम
क्या है खबर?
अगर आपकी शादी हो गई है, तो अपने EPF नॉमिनेशन को एक बार जरूर चेक कर लें। EPFO के नियमों के मुताबिक, शादी से पहले किया गया नॉमिनेशन शादी के बाद वैध नहीं रहता। इसलिए शादी के बाद नया नॉमिनेशन करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में परिवार को EPF का पैसा क्लेम करते समय अतिरिक्त कागजी कार्रवाई करनी पड़ सकती है। EPFO की वेबसाइट भी सदस्यों को शादी के बाद नया नॉमिनेशन करने की सलाह देती है।
नियम
शादी के बाद पुराना नॉमिनेशन क्यों बदलता है?
EPF नॉमिनेशन सदस्य की पारिवारिक स्थिति से जुड़ा होता है।
शादी से पहले व्यक्ति अपने उस समय के योग्य परिवार के सदस्यों को नॉमिनी बना सकता है। शादी होने के बाद परिवार की स्थिति बदल जाती है, इसलिए पुराना नॉमिनेशन अमान्य हो जाता है।
नियमों के मुताबिक, शादी के बाद सदस्य को नया नॉमिनेशन जमा करना होता है। परिवार होने की स्थिति में ई-नॉमिनेशन में योग्य परिवार के सदस्यों की जानकारी देना भी जरूरी होता है।
नॉमिनेशन
नॉमिनेशन अपडेट नहीं किया तो क्या होगा?
अगर शादी के बाद EPF नॉमिनेशन अपडेट नहीं किया जाता, तो खाते में जमा पैसा खत्म या बंद नहीं होता, लेकिन सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार को पैसा निकालने में परेशानी हो सकती है।
वैध नॉमिनेशन नहीं होने पर EPFO कानूनी वारिस प्रमाणपत्र या दूसरे जरूरी दस्तावेज मांग सकता है।
परिवार को सदस्य की मृत्यु के समय मौजूद जीवित परिवार के सदस्यों की जानकारी भी देनी पड़ सकती है। इससे क्लेम की प्रक्रिया लंबी हो सकती है।
बदलाव
ई-नॉमिनेशन से आसानी से करें बदलाव
EPFO ने नॉमिनेशन अपडेट करने के लिए ई-नॉमिनेशन की सुविधा दी है।
इसमें नॉमिनी की जानकारी आधार से जुड़ी डिटेल्स के जरिए सत्यापित की जाती है। शादी के बाद सदस्य को इस सुविधा से अपना नया नॉमिनेशन दाखिल करना चाहिए। इसमें योग्य परिवार के सदस्यों का नाम और दूसरी जानकारी सही भरना जरूरी है।
इससे EPFO रिकॉर्ड में मौजूदा पारिवारिक स्थिति अपडेट रहती है और भविष्य में परिवार को पैसा क्लेम करने में कम दिक्कत होती है।