टाटा संस का चेयरमैन पद छोड़ने के फैसले पर एन चंद्रशेखरन ने क्या कहा?
क्या है खबर?
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। हालांकि, वह 20 फरवरी, 2027 को मौजूदा कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे। बयान में उन्होंने टाटा समूह में अपनी 40 साल की पेशेवर यात्रा और लंबे अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मैंने टाटा ग्रुप में 40 साल की प्रोफेशनल जिंदगी पूरी कर ली है। मैं इस प्रतिष्ठित संस्था में योगदान देने के बेहद संतोषजनक मौके के लिए आभारी हूँ।"
जिम्मेदारी
पिछले 10 साल को बताया सम्मान और जिम्मेदारी
चंद्रशेखरन ने अपने बयान में पिछले एक दशक की जिम्मेदारी और अनुभव का भी विस्तार से जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "पिछले एक दशक में टाटा संस को लीड करना एक बड़ा सम्मान और एक गहरी ज़िम्मेदारी रही है।"
उन्होंने बताया कि मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म हो रहा है।
उनके मुताबिक, टाटा ट्रस्ट ने अगले पांच साल के कार्यकाल की सिफारिश की थी, लेकिन बोर्ड में एक सदस्य के समर्थन नहीं देने से प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ा।
उत्तराधिकारी
बोर्ड से उत्तराधिकारी पर जल्द फैसला करने को कहा
उन्होंने कहा कि बोर्ड की उस बैठक को छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रस्ताव सामने नहीं आया।
चंद्रशेखरन ने कहा, "टाटा संस एक बहुत बड़ा इंस्टीट्यूशन है और कई स्ट्रेटेजिक प्रोजेक्ट हैं जो एग्जीक्यूशन के अहम स्टेज में हैं।"
उन्होंने कहा कि फरवरी 2027 के बाद नेतृत्व को लेकर कर्मचारियों, निवेशकों, साझेदारों और दूसरे हितधारकों के लिए स्पष्टता बेहद जरूरी है। उन्होंने बोर्ड से उत्तराधिकारी पर जल्द फैसला करने को कहा है।
आभार
हितधारकों के समर्थन के लिए जताया आभार
अपने फैसले पर चंद्रशेखरन ने कहा, "इन हालात में, आज सुबह मैंने टाटा संस बोर्ड को बताया है कि मैंने 20 फरवरी, 2027 को अपना टर्म खत्म होने पर खुद को दोबारा अपॉइंट करने का ऑफर नहीं देने का फैसला किया है।"
उन्होंने बोर्ड से जल्द उत्तराधिकारी तय करने की अपील की। अंत में उन्होंने सभी हितधारकों के सहयोग और समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा, "मैं सभी स्टेकहोल्डर्स के सपोर्ट के लिए शुक्रगुजार हूं।"