विदेश में यात्रा करने वालों के लिए बीमा नहीं कराने पर क्या होते हैं जोखिम?
क्या है खबर?
विदेश यात्रा के दौरान आपको चिकित्सा आपात स्थितियों, उड़ान में व्यवधान, सामान खोने, पासपोर्ट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बीमा न कराने पर आपको इन सब का पूरा खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ सकता है। शुरुआत में बीमा का पैसा बचाना समझदारी लग सकती है, लेकिन बाद में एक बड़ा वित्तीय और व्यवस्थागत बोझ बन सकती है। आइये जानते हैं विदेश यात्रा के दौरान बीमा नहीं कराने पर क्या जोखिम आ सकते हैं।
अनिवार्यता
क्या विदेश यात्रा के लिए अनिवार्य है यात्रा बीमा?
कई देशों में यात्रा बीमा कराना वैकल्पिक नहीं, बल्कि कानूनी रूप से आवश्यक है। शेंगेन वीजा प्राप्त करने, मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में भी यात्रा के समय बीमा जरूरी होता है। जहां यह अनिवार्य नहीं है, वहां भी दूतावास, एयरलाइंस और टूर ऑपरेटर यात्रियों को आपात स्थिति में होने वाली परेशानियों से बचने के लिए वैध अंतरराष्ट्रीय यात्रा बीमा कराने की सलाह देते हैं। इससे आप कई परेशानियों से बच सकते हैं।
#1
मेडिकल इमरजेंसी का जोखिम
विदेश में मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति आर्थिक रूप से परेशान कर सकती है, क्योंकि वहां इलाज बहुत खर्चीला होता है। भारतीय स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां आम तौर पर विदेश में कवरेज प्रदान नहीं करती हैं। विदेश में साधारण इलाज का खर्च भी हजारों रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि अस्पताल में भर्ती, सर्जरी या लंबे समय तक चलने वाले इलाज का खर्च लाखों तक पहुंच सकता है। यात्रा बीमा के बिना आपको ये खर्चे अपनी जेब से चुकाने पड़ते हैं।
#2
उड़ान रद्द या लेट होने से बढ़ेंगे खर्चे
अंतरराष्ट्रीय यात्राएं अक्सर योजना के अनुसार नहीं चलतीं। मौसम, तकनीकी कारणों या परिचालन संबंधी समस्याओं के कारण उड़ानें लेट, रद्द या रीशेड्यूल हो सकती हैं। इसका प्रभाव आमतौर पर हवाई किराए तक ही सीमित नहीं होता। आपको कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने, होटल में ठहरने, नई बुकिंग, एयरपोर्ट ट्रांसफर और नॉन-रिफंडेबल बुकिंग का खर्च भी उठाना पड़ सकता है। ऐसे में, यात्रा बीमा रद्द या विस्तारित यात्रा कवर आपके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
#3
पासपोर्ट और सामान खो जाने का नुकसान
विदेश में पासपोर्ट खो जाने से आपकी आगे की यात्रा बाधित हो सकती है, दूतावास जाना पड़ सकता है, दस्तावेजीकरण का खर्च बढ़ सकता है और यात्रा को आगे बढ़ाना भी पड़ सकता है। सामान खो जाने या देरी से मिलने पर कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर तुरंत खर्च करना पड़ सकता है। ये ऐसी परेशानियां हैं, जिन्हें आप शायद शुरुआत में मामूली समझकर नजरअंदाज कर दें, लेकिन फिर भी इनसे काफी तनाव और खर्च हो सकता है।
#4
भारी आपातकालीन खर्चे
बिना बीमा के यात्रा करने के सबसे अनदेखे जोखिमों में से एक आपातकालीन मेडिकल वापसी है। गंभीर चिकित्सा स्थितियों में आपको विशेष देखभाल के लिए किसी दूसरे शहर या देश में ले जाने की आवश्यकता हो सकती है। दूरी और आवश्यक चिकित्सा सहायता के आधार पर इसमें लाखों का खर्च आ सकता है। विदेश में घातक दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में शव को वापस लाने का खर्च भी काफी अधिक होता है।