अमेरिका के कमजोर नौकरी आंकड़ों के कारण सोने-चांदी में बढ़त जारी
सोने की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़ीं और मंगलवार (11 अगस्त) को 1.46 फीसदी बढ़कर 4,484.30 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) हो गई।
चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया और 2.03 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 66.60 डॉलर प्रति औंस (करीब 2.24 लाख रुपये प्रति किलोग्राम) के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
यह बढ़ोतरी अमेरिकी नौकरियों के कमजोर आंकड़ों के कारण हुई है, जिसने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की संभावनाओं को कम कर दिया है।
जब ब्याज देने वाली संपत्तियों पर मिलने वाला रिटर्न कम होता है तो लोग सोने को निवेश के लिए बेहतर विकल्प मानते हैं।
इस कारण बढ़ रहा सोने में निवेश
हाल ही के अमेरिकी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में 23,000 नौकरियां चली गईं और बेरोजगारी की दर थोड़ी घटकर 4.1 फीसदी रह गई।
अब निवेशक अमेरिकी मुद्रास्फीति की रिपोर्ट्स का इंतजार कर रहे हैं, खासकर 12 अगस्त को आने वाली CPI और 13 अगस्त को आने वाली PPI रिपोर्ट का।
इनसे फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती करने की संभावनाओं का अंदाजा लगाया जा सकेगा। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से लोग अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए सोने की तरफ भाग रहे हैं।