जिओ बना रही "भारत द्वारा, दुनिया की सेवा करने वाला AI"- आकाश अंबानी
क्या है खबर?
रिलायंस AGM 2026 में जिओ के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने अपनी AI रणनीति पेश करते हुए कहा कि कंपनी "भारत के लिए, भारत द्वारा और दुनिया की सेवा करने वाला AI" बना रही है। जियो भारतीय भाषाओं में AI मॉडल विकसित कर रही है, जिससे ग्रामीण और गैर-अंग्रेजी यूजर्स भी इसका लाभ उठा सकें। कंपनी का लक्ष्य इस दशक के अंत तक AI को किफायती और बड़े स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि भारत वैश्विक AI हब बन सके।
पार्टनरशिप
AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए की पार्टनरशिप
रिलायंस इंडस्ट्रीज की पहल 'रिलायंस इंटेलिजेंस' गुजरात के जामनगर में बड़े स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है, जिसकी शुरुआती 120 मेगावाट क्षमता इसी साल में शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी एडवांस्ड एनविडिया GB300 GPU का उपयोग कर रही है, जिससे हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग संभव होगी। साथ ही, गूगल के साथ साझेदारी AI-फर्स्ट दिशा में विकसित हुई है, जहां जैमिनी आधारित गूगल AI प्रो करोड़ों यूजर्स को मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
AI होस्टिंग
भारत में उपलब्ध होगी स्वदेशी AI होस्टिंग
आकाश के अनुसार, जियो का नेटवर्क रोजाना करीब 2,000 करोड़ मिनट वॉयस ट्रैफिक संभालता है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क्स में शामिल करता है। कंपनी अपने नेटवर्क के कोर में AI को शामिल कर रही है, जिससे यूजर्स को ज्यादा स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड अनुभव मिलेगा। 'रिलायंस इंटेलिजेंस' भारत में स्वदेशी AI होस्टिंग उपलब्ध कराएगी, जिससे कंपनियां अपने डाटा और AI मॉडल्स पर पूरा नियंत्रण रखते हुए सुरक्षित रूप से संचालन कर सकेंगी।