वॉरेन बफेट ने छोड़ा बर्कशायर हैथवे का चेयरमैन पद, इन्हें मिली जिम्मेदारी
क्या है खबर?
दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने शुक्रवार (18 सितंबर) को बताया कि अब उन्हें अध्यक्ष एमेरिटस बनाया गया है। हालांकि, बफेट कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे और अपने अनुभव से सलाह देते रहेंगे। उन्होंने 60 साल से ज्यादा समय तक कंपनी का नेतृत्व किया। इस दौरान बर्कशायर हैथवे ने निवेश की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई और लाखों निवेशकों का भरोसा जीता।
करियर
ऐसा रहा वॉरेन बफेट का करियर
बफेट ने 1965 में बर्कशायर हैथवे के साथ काम शुरू किया था। इसके बाद 1970 में वह कंपनी के अध्यक्ष बने।
उनके नेतृत्व में कंपनी के शेयर की कीमत 55 लाख प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी। बफेट ने रेल, बीमा, कैंडी और आइसक्रीम जैसे कई कारोबारों में निवेश किया।
उनकी अगुवाई में बर्कशायर हैथवे एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की बड़ी कंपनी बन गई। निवेश की दुनिया में उन्हें खास पहचान मिली।
जिम्मेदारी
अब बेटे को मिली अध्यक्ष की जिम्मेदारी
बर्कशायर हैथवे ने बताया कि बफेट के बेटे हॉवर्ड जी. बफेट अब अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इससे पहले करीब आठ महीने पहले बफेट ने कंपनी के CEO पद से भी इस्तीफा दिया था। उनकी जगह ग्रेग एबेल को सीईओ बनाया गया था। अब अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद भी बफेट कंपनी के बोर्ड में रहेंगे।
वह भविष्य में भी कंपनी के बड़े फैसलों में अपनी राय और सलाह देते रहेंगे।
अन्य
निवेश के साथ परोपकार में भी आगे
बफेट हाल तक निवेश के काम में सक्रिय थे।
जुलाई में उन्होंने अल्फाबेट में निवेश शुरू किया और कहा कि पहले निवेश नहीं करना उनकी गलती थी। बर्कशायर की बड़ी हिस्सेदारी ऐपल में भी रही है। बफेट की कुल संपत्ति 145 अरब डॉलर (लगभग 13,900 अरब रुपये) से ज्यादा बताई जाती है।
उन्होंने गेट्स फाउंडेशन को करीब 50 अरब डॉलर दान किए हैं। साथ ही अपनी 99 प्रतिशत से ज्यादा संपत्ति परोपकार में देने का वादा भी किया है।