फॉक्सवैगन में 1 लाख कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी, विरोध में उतरे कर्मचारी
क्या है खबर?
जर्मनी की वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन करीब 1 लाख कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। कर्मचारियों की संख्या कम करने और कुछ फैक्ट्रियां बंद करने के इस प्रस्ताव पर इसी हफ्ते सुपरवाइजरी बोर्ड में चर्चा होगी। छंटनी की आशंका को देखते हुए कंपनी के कर्मचारियों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन का आयोजन किया है। इस प्रस्ताव को फॉक्सवैगन के भविष्य और जर्मनी के ऑटो उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रस्ताव
कई फैक्ट्रियां बंद करने का भी प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी चार फैक्ट्रियां बंद करने और लगभग 50,000 अतिरिक्त नौकरियां कम करने की योजना पर भी विचार कर रही है। कर्मचारी यूनियन ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि प्रबंधन अपनी गलतियों का बोझ कर्मचारियों पर नहीं डाल सकता। जर्मनी के कई शहरों में यूनियन और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है और कंपनी से प्रस्ताव वापस लेने की मांग की है।
चुनौती
इलेक्ट्रिक वाहनों की चुनौती बढ़ा रही दबाव
फॉक्सवैगन पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा, खासकर चीन की कंपनियों और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बढ़ते बाजार का दबाव है। कंपनी अपने कारोबार को सरल बनाने और खर्च घटाने के लिए कई बड़े बदलावों पर काम कर रही है। प्रस्ताव में कुछ कारोबारों के पुनर्गठन और विभिन्न इकाइयों को अलग करने जैसे विकल्प भी शामिल हैं। इन बदलावों को कंपनी भविष्य की रणनीति का हिस्सा बता रही है।
अन्य
बोर्ड के फैसले पर टिकी सबकी नजर
अगर सुपरवाइजरी बोर्ड इन प्रस्तावों को मंजूरी देता है तो यूनियनों और कंपनी के बीच लंबे समय तक बातचीत चल सकती है। कुछ फैक्ट्रियों को बंद करने के लिए विशेष नियमों के तहत बोर्ड की मंजूरी जरूरी होगी, जबकि कुछ इकाइयों पर यह नियम लागू नहीं होते। कर्मचारियों ने साफ किया है कि अगर बड़े पैमाने पर छंटनी और फैक्ट्री बंद करने का फैसला हुआ तो विरोध प्रदर्शन और हड़ताल तेज की जाएगी।