भारत में कारोबार बढ़ाने की तैयारी, JSW के साथ समझौते के करीब वोक्सवैगन
क्या है खबर?
जर्मनी की कार निर्माता कंपनी वोक्सवैगन भारत में अपना कारोबार मजबूत करने के लिए JSW समूह के साथ बातचीत आगे बढ़ा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों कंपनियां संभावित समझौते की दिशा में काम कर रही हैं और अगले कुछ हफ्तों में इस पर फैसला हो सकता है। प्रस्ताव के तहत JSW, स्कोडा ऑटो, वोक्सवैगन इंडिया में निवेश कर सकती है। इसके साथ ही कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी लेने की भी संभावना बताई जा रही है।
फायदा
समझौते से दोनों कंपनियों को क्या हो सकता है फायदा?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साझेदारी से वोक्सवैगन को भारत में कारोबार बढ़ाने और नए निवेश का सहारा मिल सकता है।
वहीं, JSW को वोक्सवैगन की वाहन तकनीक और प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलने की भी संभावना है। इससे भविष्य में नई गाड़ियों के विकास और वैश्विक स्तर पर सहयोग का रास्ता भी खुल सकता है।
हालांकि, निवेश की राशि और हिस्सेदारी जैसे कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत अभी भी जारी है।
बयान
वोक्सवैगन ने क्या कहा?
वोक्सवैगन के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत में अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए लगातार नए कारोबारी अवसरों पर काम कर रही है।
उन्होंने भारत को स्कोडा ऑटो की वैश्विक विकास योजना का महत्वपूर्ण बाजार बताया। हालांकि, JSW के साथ चल रही संभावित बातचीत पर कंपनी ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
वहीं, JSW समूह की ओर से भी इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हिस्सेदारी
भारत में बढ़ाना चाहती है बाजार हिस्सेदारी
वोक्सवैगन लंबे समय से भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक उसे सीमित सफलता ही मिली है।
कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 2.5 प्रतिशत है। ऐसे में स्थानीय साझेदार के साथ समझौता उसके विस्तार की रणनीति को नई मजबूती दे सकता है।
हालांकि, बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है और समझौता होना बाकी है, जिस पर दोनों कंपनियां लगातार विचार-विमर्श कर रही हैं।