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फॉक्सवैगन बोर्ड ने 50,000 कर्मचारियों की छंटनी योजना को दी मंजूरी, क्यों लिया गया फैसला?
फॉक्सवैगन में 50,000 कर्मचारियों की छंटनी

फॉक्सवैगन बोर्ड ने 50,000 कर्मचारियों की छंटनी योजना को दी मंजूरी, क्यों लिया गया फैसला?

Sep 04, 2026
05:24 pm

क्या है खबर?

जर्मनी की दिग्गज कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन अपने 50,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी की छंटनी योजना को अब उसके बोर्ड की तरफ से मंजूरी मिल गई है। यह कदम फॉक्सवैगन के करीब 90 साल के इतिहास की सबसे बड़ी रीस्ट्रक्चरिंग योजना का हिस्सा है। कंपनी की योजना 2030 तक कुल 1 लाख नौकरियां कम करने की है। इससे पहले मार्च में 50,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की गई थी।

वजह

क्यों छंटनी कर रही कंपनी?

फॉक्सवैगन ने बताया कि बदलती बाजार मांग, बढ़ती लागत और तकनीकी बदलाव के कारण कंपनी को अपने काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव करना जरूरी है।

कंपनी को खासतौर पर चीन में बिक्री घटने और चीनी कार कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। चीनी कंपनियां कम लागत और नई तकनीक के साथ तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

ऐसे में फॉक्सवैगन लागत घटाकर अपनी प्रतिस्पर्धा बनाए रखना चाहती है।

असर

किन कर्मचारियों पर पड़ेगा असर?

छंटनी का असर फॉक्सवैगन ग्रुप के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ेगा।

कंपनी के मुताबिक, मैनेजमेंट रोल्स समेत करीब 50,000 पदों में बदलाव किया जाएगा। जर्मनी के एमडेन, ज्विकाउ, हनोवर और नेकारसुलम प्लांट के भविष्य पर भी विचार हो रहा है।

कंपनी का कहना है कि इन प्लांट्स में उत्पादन क्षमता मौजूदा मांग से ज्यादा है। इसलिए वहां दूसरे इस्तेमाल के विकल्प तलाशे जा रहे हैं, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।

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अन्य

मॉडल और उत्पादन में भी बड़ा बदलाव

फॉक्सवैगन 2035 तक अपने बनाए जाने वाले मॉडल्स की संख्या 50 प्रतिशत तक घटाने की योजना बना रही है।

कंपनी अपनी पेशकश को भी 75 प्रतिशत तक कम करेगी और ज्यादा मांग वाली कारों पर ध्यान देगी। 2025 तक फॉक्सवैगन ग्रुप में दुनियाभर में 6.6 लाख से ज्यादा कर्मचारी थे।

इसके ब्रांड्स में ऑडी, पोर्श, स्कोडा, सीट, बेंटले और लेम्बोर्गिनी शामिल हैं। योजना सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में भी तेजी देखी गई।

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