वोडाफोन-आइडिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 363 करोड़ रुपये की GST मांग पर रोक
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (7 सितंबर) को वोडाफोन-आइडिया के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस चुनौती को खारिज कर दिया, जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट के 363 करोड़ रुपये की GST मांग रद्द करने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने माना कि मर्जर के बाद खत्म हो चुकी कंपनी के खिलाफ टैक्स कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती। यह फैसला वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड से जुड़े मामले में आया है।
कार्रवाई
मर्जर के बाद शुरू हुई टैक्स कार्रवाई
यह पूरा मामला वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड (VMSL) से जुड़ा है।
कंपनी ने नवंबर, 2017 में अपना पूरा टेलीकॉम टावर कारोबार ATC टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को बेचने का समझौता किया था। इसके बाद अगस्त 2018 में VMSL का वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के साथ मर्जर हो गया।
GST अधिकारियों ने फरवरी, 2024 में जांच शुरू की और अगस्त में कंपनी को 363 करोड़ रुपये की मांग वाला कारण बताओ नोटिस जारी किया।
आदेश
हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार
VMSL ने नोटिस का विरोध करते हुए कहा कि मर्जर के बाद उसका कानूनी अस्तित्व खत्म हो चुका है, इसलिए उसके खिलाफ टैक्स कार्रवाई नहीं हो सकती।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अप्रैल, 2026 में कंपनी की दलील सही मानी और कार्रवाई को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। इसके बाद केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची।
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के मारुति सुजुकी मामले के फैसले का हवाला देते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।
राहत
वोडाफोन-आइडिया को मिली 363 करोड़ रुपये की राहत
फैसले के अनुसार, मर्जर के बाद खत्म हो चुकी कंपनी के खिलाफ टैक्स कार्यवाही शुरू करना वैध नहीं माना जा सकता, खासकर जब विभाग को मर्जर की जानकारी हो।
इस फैसले से वोडाफोन-आइडिया को 363 करोड़ रुपये की मांग से राहत मिली है। कंपनी फिलहाल अपने कारोबार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
जून तिमाही में उसके ग्राहक बढ़कर 19.31 करोड़ हुए, जबकि कंपनी का घाटा घटकर 3,754 करोड़ रुपये रह गया था।