वेदांता समूह अप्रैल में 5 कंपनियों में होगा विभाजित, जानिए क्या होगा फायदा
क्या है खबर?
वेदांता समूह अप्रैल की शुरुआत में 5 सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित होने जा रहा है। समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने इस योजना की पुष्टि की है। यह कदम समूह के मूल्यांकन को बढ़ाने और लोन भार को कम करने के उद्देश्य से लंबे समय से प्रतीक्षित पुनर्गठन रणनीति का हिस्सा है। प्रत्येक नई कंपनी एक विशिष्ट व्यवसाय क्षेत्र- एल्युमीनियम, जस्ता, तेल और गैस, इस्पात और बिजली पर ध्यान केंद्रित करेगी। इससे कंपनियों का पूंजीकरण बढ़ेगा और कर्जा कम होगा।
फायदा
प्रत्येक यूनिट स्वतंत्र रूप से करेगी काम
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अग्रवाल का मानना है कि इस विभाजन से प्रत्येक व्यावसायिक यूनिट को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति मिलेगी, जिससे शेयरधारकों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि नई यूनिट्स को विकास करने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी। विभाजन के बाद वेदांता लिमिटेड में उसका बेस मेटल्स व्यवसाय शामिल होगा। अन्य 4 यूनिट्स वेदांता एल्युमिनियम, तलवंडी साबो पावर, वेदांता स्टील एंड आयरन और माल्को एनर्जी होंगी।
योजना
2023 में की गई थी तैयारी
अनिल अग्रवाल की निजी स्वामित्व वाली मूल कंपनी नवगठित प्रत्येक यूनिट में लगभग आधे शेयर रखेगी। 2023 में पहली बार प्रस्तावित इस पुनर्गठन योजना का उद्देश्य वेदांता की जटिल कॉर्पोरेट संरचना को सरल बनाना और प्रत्येक व्यवसाय के लिए पूंजी तक पहुंच में सुधार करना भी है। वित्तीय वसूली संबंधी संभावित मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के शुरुआती विरोध के बावजूद, पिछले साल एक कानूनी चुनौती खारिज होने के बाद इस योजना को मंजूरी मिल गई।