अमेरिका-ईरान तनाव से चार हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचीं कच्चे तेल की कीमतें
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें आज (14 जुलाई) लगभग दो प्रतिशत बढ़कर चार हफ्तों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 84.98 डॉलर (लगभग 8,073 रुपये) प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 79.79 डॉलर (लगभग 7,580 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।
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नाकाबंदी और हमलों से बढ़ी चिंता
तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका ने ईरानी जहाजों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी फिर से शुरू कर दी है। वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हमले भी तेज हो गए हैं।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अनुसार, ओमानी जलक्षेत्र में उसके दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हुए।
इस घटना के बाद तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका और बढ़ गई है।
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तेल सप्लाई पर मंडराने लगा संकट
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फारस की खाड़ी से तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर फिर से नाकाबंदी लागू करने की घोषणा की है। दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया है।
इन घटनाओं से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और निवेशकों की चिंता लगातार गहराती जा रही है।
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बाजार और दुनिया की नजरें हालात पर
हाल के सप्ताहों में खाड़ी देशों ने तेल उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की काफी बड़े स्तर पर कोशिश की थी, लेकिन दोनों देशों के बीच इस नए तनाव ने स्थिति फिर बदल दी है।
आशंका जताई जा रही है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।
इसका असर दुनियाभर में ईंधन की कीमतों, महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।