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2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क, 15 अक्टूबर से नियम लागू
UPI भुगतान पर शुल्क की दर तय

2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क, 15 अक्टूबर से नियम लागू

Sep 15, 2026
07:27 pm

क्या है खबर?

UPI भुगतान पर लगने वाले शुल्क की दर तय हो गई है। आज (15 सितंबर) नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने घोषणा की कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर मर्चेंट्स को MDR देना होगा। यह नियम ग्राहक से दुकानदार को किए जाने वाले भुगतान पर लागू होगा। हालांकि, 2,000 रुपये तक के UPI भुगतान पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे छोटे भुगतान करने वालों को राहत मिलेगी।

शुल्क

कितना लगेगा शुल्क?

नए नियम के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर मर्चेंट्स को 0.4 प्रतिशत MDR देना होगा।

हालांकि, हर लेनदेन पर शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है। इसका मतलब है कि अगर किसी दुकानदार को 75,000 रुपये या उससे ज्यादा का UPI भुगतान मिलता है, तो उसे अधिकतम 300 रुपये ही शुल्क देना होगा।

यह शुल्क ग्राहक से सीधे नहीं, बल्कि भुगतान स्वीकार करने वाले मर्चेंट से लिया जाएगा।

सेवा

कुछ सेवाओं के लिए 5 रुपये शुल्क

रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसी सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है।

इन क्षेत्रों में 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से शुल्क नहीं लगेगा। इसके बजाय हर लेनदेन पर 5 रुपये का तय MDR देना होगा।

NPCI के अनुसार, इन सेवाओं में मुनाफा कम होता है। इसलिए तय शुल्क रखने से जरूरी सेवाओं और बिल भुगतान की लागत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

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अन्य

व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान मुफ्त रहेगा

NPCI ने साफ किया है कि नया MDR नियम केवल पर्सन-टू-मर्चेंट भुगतान पर लागू होगा।

ग्राहक से दुकानदार को किए जाने वाले भुगतान पर ही शुल्क लगेगा। वहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले पर्सन-टू-पर्सन UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। भुगतान की रकम कितनी भी हो, ऐसे लेनदेन मुफ्त रहेंगे।

इसके अलावा, 2,000 रुपये तक के UPI और रुपे डेबिट कार्ड भुगतान पर ग्राहक से शुल्क लेने पर रोक जारी रहेगी।

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