UPI भुगतान पर शुल्क का असर, ATM कंपनियों के शेयरों में उछाल
क्या है खबर?
UPI भुगतान पर शुल्क लगने की चर्चा के बीच कैश मैनेजमेंट कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। 16 सितंबर को रेडिएंट कैश मैनेजमेंट सर्विसेज और CMS इंफो सिस्टम्स के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार में उम्मीद है कि बड़े डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगने से कुछ लोग नकद लेनदेन की ओर लौट सकते हैं। इसी संभावना के चलते कैश संभालने और पहुंचाने वाली कंपनियों पर निवेशकों का ध्यान बढ़ा है।
उछाल
रेडिएंट और CMS के शेयरों में उछाल
भारतीय शेयर बाजार में आज (16 सितंबर) सुबह 11:48 बजे रेडिएंट कैश मैनेजमेंट सर्विसेज के शेयर 2.8 प्रतिशत बढ़कर 36.9 रुपये पर पहुंच गए।
वहीं, CMS इंफो सिस्टम्स के शेयर 3.3 प्रतिशत की तेजी के साथ 230.32 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। कारोबार के दौरान CMS के शेयर 4.28 प्रतिशत तक चढ़कर 232.46 रुपये पर पहुंच गए।
SIS लिमिटेड के शेयरों में भी 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
उम्मीद
नकद लेनदेन बढ़ने की उम्मीद
UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ चुनिंदा मर्चेंट भुगतान पर शुल्क लगाने का नियम 15 अक्टूबर से लागू होगा।
इसके बाद बाजार में अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ ग्राहक और दुकानदार नकद भुगतान को अपनी प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे ATM में नकदी भरने, पैसे पहुंचाने और नकद प्रबंधन से जुड़ी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
इसी उम्मीद ने कैश मैनेजमेंट कंपनियों के शेयरों को सहारा दिया है।
कमाई
बैंकों और भुगतान कंपनियों की बढ़ सकती है कमाई
ब्रोकरेज कंपनियों का मानना है कि नया शुल्क ढांचा बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए कमाई का नया रास्ता खोल सकता है।
सिटी ने सालाना 16,000 से 17,000 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का अनुमान लगाया है। इसका करीब 60 प्रतिशत हिस्सा बैंकों, 25 प्रतिशत ऐप कंपनियों और 15 प्रतिशत एग्रीगेटर्स को मिल सकता है।
वहीं, कुछ ब्रोकरेज ने पेटीएम और पाइन लैब्स जैसी फिनटेक कंपनियों के लक्ष्य मूल्य भी बढ़ाए हैं।