उबर पर लगा 9,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना, जानें क्या है मामला
क्या है खबर?
कैब सेवा देने वाली कंपनी उबर पर 9,200 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगा है। डच डाटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने कंपनी पर 82.5 करोड़ यूरो (करीब 9,245 करोड़ रुपये) की पेनल्टी लगाई है। यह मामला ड्राइवरों के अकाउंट से जुड़ा है और यूरोप में AI और स्वचालित सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। नियामक का आरोप है कि उबर ने ड्राइवरों को निलंबित या हटाने के लिए स्वचालित तकनीक का इस्तेमाल किया।
वजह
क्या है उबर से जुड़ा पूरा मामला?
डच नियामक के मुताबिक, उबर के सिस्टम ने कुछ ड्राइवरों के अकाउंट बंद करने के फैसले लिए, जिनमें कम ग्राहक रेटिंग जैसे कारण शामिल थे।
आरोप है कि कुछ मामलों में ड्राइवरों को फैसले की सही जानकारी नहीं दी गई और पर्याप्त इंसानी समीक्षा भी नहीं हुई। ऐसे फैसलों से ड्राइवरों की कमाई सीधे प्रभावित हो सकती थी।
हालांकि, उबर ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि स्थायी कार्रवाई से पहले इंसान मामले की समीक्षा करता है।
मामला
फ्रांस से शुरू हुआ था पूरा मामला
यह मामला फ्रांस में उबर ड्राइवरों की शिकायतों के बाद शुरू हुआ था।
पुराने ड्राइवर ब्राहिम बेन अली ने बताया कि उनका अकाउंट 2019 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने करीब 170 अन्य ड्राइवरों की गवाही जुटाई और शिकायत नीदरलैंड पहुंचाई।
ड्राइवरों को स्विस डिजिटल अधिकार संगठन PersonalData.io ने भी मदद दी। संगठन ने उन्हें यह समझने में सहायता की कि कंपनी के सिस्टम ने उनके अकाउंट से जुड़े फैसले किस तरह लिए थे।
अपील
उबर ने जुर्माने के खिलाफ अपील की तैयारी की
उबर ने कहा है कि उसने केवल स्वचालित सिस्टम के आधार पर किसी ड्राइवर को स्थायी रूप से नहीं हटाया।
ज्यादातर निलंबन अस्थायी होते हैं और स्थायी कार्रवाई में इंसानी समीक्षा शामिल रहती है। उबर इस जुर्माने के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है।
यह मामला यूरोप में AI आधारित फैसलों पर नियंत्रण की बहस बढ़ा रहा है। GDPR नियमों के तहत बड़े असर वाले फैसलों में इंसानी समीक्षा और चुनौती देने का मौका जरूरी माना जाता है।