सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को तेल विवाद पर सुनवाई जारी रखने को दी मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को एक आदेश की समीक्षा करने की अनुमति दे दी है, जिसे तेल मंत्रालय ने चुनौती दी थी। न्यायाधीश सी हरि शंकर ने जून, 2023 में यह आदेश दिया था।
इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके भागीदारों के खिलाफ 3.86 अरब डॉलर करीब 360 अरब रुपये) के मध्यस्थता अवार्ड के एक आंशिक फैसले को लागू करने से मना किया गया था, जबकि यह फैसला तेल मंत्रालय के पक्ष में आया था।
यह पूरा विवाद उन खर्चों, रॉयल्टी और टैक्स के भुगतान को लेकर है, जो पन्ना-मुक्ता तेल क्षेत्र और ताप्ती गैस क्षेत्र से जुड़े हैं।
इन क्षेत्रों को पहले कुछ कंपनियां चलाती थीं। मुख्य न्यायाधीश ने साफ किया कि रिलायंस की आपत्तियों पर हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद ही विचार किया जाएगा।
13 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
यह कानूनी लड़ाई दिसंबर, 2010 से चल रही है। जून, 2023 में दिल्ली हाई कोर्ट ने मंत्रालय के उस आंशिक फैसले को लागू करने के कदम को जल्दबाजी करार दिया था।
इसके बाद सरकार ने अपील दायर की, जबकि रिलायंस का कहना था कि यह फैसला लागू करना पहले हुए समझौतों के अनुरूप नहीं है।
जब खंडपीठ ने उनकी आपत्तियों को ठुकरा दिया तो रिलायंस मामला लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।