टैक्स सिस्टम से रेलवे टिकट तक, 1 अप्रैल से इन वित्तीय नियमों में होगा बदलाव
क्या है खबर?
नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल, 2026 से कई बड़े नियम लागू होने जा रहे हैं। इन बदलावों का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधे पड़ेगा। बैंकिंग, टैक्स, फ्यूल और यात्रा से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि इन फैसलों से सिस्टम आसान और पारदर्शी बनेगा। हालांकि, कुछ बदलाव लोगों के खर्च और सुविधा दोनों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए इन नियमों को समझना जरूरी है।
टैक्स सिस्टम
टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव
नए वित्त वर्ष से इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा, जो पुराने कानून की जगह लेगा। इसमें 'असेसमेंट ईयर' और 'पिछला साल' जैसे शब्द हटाकर 'टैक्स ईयर' किया जाएगा। इसके साथ ही, 12 लाख रुपये तक सालाना कमाई करने वालों को टैक्स में छूट मिलेगी। इसके अलावा, फॉर्म 16 और 16A की जगह नए फॉर्म 130 और 131 लागू होंगे, जिससे टैक्स फाइलिंग को आसान बनाने की कोशिश की गई है।
बैंकिंग
बैंकिंग और पैन नियमों में बदलाव
1 अप्रैल से पैन कार्ड के लिए नियम सख्त किए जाएंगे, जिसमें सिर्फ आधार कार्ड से जन्मतिथि का प्रमाण मान्य नहीं होगा। इसके अलावा, ATM से पैसे निकालने के नियम भी बदलेंगे। तय सीमा से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये तक चार्ज लग सकता है। कुछ बैंकों ने कैश निकालने की लिमिट भी कम कर दी है। इन बदलावों से बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने वालों को ज्यादा ध्यान रखना होगा।
फ्यूल
फ्यूल कीमतों का असर आम लोगों पर
नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ LPG, CNG और PNG की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है। इसके अलावा, एविएशन फ्यूल की कीमतों में भी बदलाव की संभावना है, जिससे हवाई किराए बढ़ सकते हैं। वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव, इन कीमतों को प्रभावित कर रहा है। अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च और यात्रा पर साफ दिखाई देगा।
रेलवे टिकट
रेलवे टिकट नियम हुए सख्त
रेलवे ने टिकट कैंसलेशन के नियमों में बदलाव किया है। अब ट्रेन छूटने के 8 घंटे के अंदर टिकट कैंसल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह सीमा 4 घंटे थी। वहीं, 8 से 24 घंटे पहले कैंसलेशन पर 50 प्रतिशत रिफंड और 24 से 72 घंटे पहले 25 प्रतिशत कटौती के साथ रिफंड मिलेगा। इससे यात्रियों को अब टिकट कैंसल करने से पहले ज्यादा सोच-समझकर फैसला लेना होगा।