स्विगी का घाटा घटकर 922 करोड़ रुपये हुआ, पिछली तिमाही के मुकाबले बढ़ा नुकसान
क्या है खबर?
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को जुलाई से सितंबर के बीच 922 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी समय स्विगी को 1,092 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस तरह कंपनी का घाटा सालाना आधार पर 15.6 प्रतिशत कम हुआ है। हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले इस बार नुकसान भी बढ़ गया है।
राजस्व
राजस्व के साथ कंपनी का कुल खर्च भी बढ़ा
स्विगी की कमाई में इस बार बढ़ोतरी हुई है।
जुलाई से सितंबर के बीच कंपनी ने 7,571 करोड़ रुपये कमाए, जबकि पिछले साल इसी समय कमाई 5,561 करोड़ रुपये थी। यानी कंपनी की कमाई 36 प्रतिशत बढ़ी है। जून तिमाही में यह रकम 6,812 करोड़ रुपये थी।
दूसरी ओर, कंपनी का खर्च भी बढ़ गया। सितंबर तिमाही में स्विगी ने 8,703 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि पिछले साल इसी समय उसका खर्च 6,711 करोड़ रुपये था।
खर्च
इंस्टामार्ट के विस्तार से बढ़ा खर्च
स्विगी की इंस्टामार्ट सेवा के तेजी से विस्तार के कारण कंपनी का खर्च बढ़ रहा है।
इंस्टामार्ट के जरिए लोग घर बैठे किराने का सामान मंगाते हैं। कंपनी के कामकाज से जुड़े एक खास हिसाब में घाटा भी बढ़ा है। जून तिमाही में यह 651 करोड़ रुपये था, जो सितंबर तिमाही में बढ़कर 760 करोड़ रुपये हो गया।
स्विगी से हर महीने सामान मंगाने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। सितंबर में ऐसे ग्राहकों की संख्या 2.78 करोड़ हो गई।
अन्य
जोमैटो को मुनाफा
स्विगी की प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो को सितंबर तिमाही में 125 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। यह पिछले साल की इसी अवधि से 92 प्रतिशत ज्यादा है।
इस दौरान जोमैटो की कमाई भी 78 प्रतिशत बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी ओर, स्विगी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
22 अक्टूबर को कंपनी के शेयर 5.01 प्रतिशत गिरकर 211.30 रुपये पर बंद हुए। स्विगी के बढ़ते खर्च और घाटे पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।