UPI MDR शुल्क पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से किया इनकार
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI पर्सन-टू-मर्चेंट भुगतान पर MDR लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को फिलहाल नहीं रोका है। कोर्ट के इस रुख के बाद नई व्यवस्था आगामी 15 अक्टूबर से लागू होने की स्थिति में है। हालांकि, मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और अदालत आगे भी इसकी सुनवाई करेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस शुल्क को लेकर हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें जरूरी जानकारी देनी होगी।
याचिका
याचिका में क्या कहा गया?
MDR शुल्क के फैसले के खिलाफ वकील अंजन दत्ता ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।
इसमें वित्त मंत्रालय की ओर से 14 और 15 सितंबर को जारी किए गए नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है। याचिका में इन नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की गई है।
इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा था कि 15 अक्टूबर से नए MDR शुल्क की वसूली शुरू होने से पहले इस पर रोक लगाई जाए।
जवाब
केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल MDR व्यवस्था पर रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन केंद्र सरकार से इसका आधार स्पष्ट करने को कहा है।
अदालत ने सरकार को हलफनामा देकर बताने को कहा है कि नया शुल्क क्यों लगाया गया है और इसकी प्रकृति क्या है। इसलिए 15 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होने का रास्ता अभी खुला है।
हालांकि, आगे की सुनवाई में अदालत अपने आदेश में बदलाव कर सकती है या नया निर्देश दे सकती है।