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सुप्रीम कोर्ट ने 25,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में अरविंद धाम को दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट से अरविंद धाम को मिली जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने 25,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में अरविंद धाम को दी जमानत

Jan 06, 2026
12:08 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने आज (6 जनवरी) एमटेक ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अरविंद धाम को बैंकों से जुड़े बड़े धोखाधड़ी मामले में जमानत दे दी है। यह मामला करीब 25,000 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ा है। धाम को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जुलाई, 2024 में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने जमानत देते हुए शर्त रखी कि धाम को अपना पासपोर्ट संबंधित अधिकारियों के पास जमा करना होगा।

जांच

ED और CBI की जांच का आधार

ED के मुताबिक, यह मामला CBI की FIR से जुड़ा है, जो IDBI बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायतों पर दर्ज हुई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि लोन धोखाधड़ी, फ्रॉड और आपराधिक विश्वासघात के जरिए डायवर्ट किए गए। इससे बैंकों को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर फरवरी, 2024 में PMLA के तहत इस मामले की जांच शुरू की गई थी।

नुकसान

बैंकों को हुआ भारी वित्तीय नुकसान

ED ने आरोप लगाया है कि एमटेक ग्रुप ने 15 से अधिक बैंकों से लिए गए करीब 25,000 करोड़ रुपये के लोन पर डिफॉल्ट किया है। ग्रुप की कई कंपनियों को इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया में भेजा गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, समाधान प्रक्रिया के बाद भी बैंकों को 80 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ। इस पूरे मामले से देश की बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

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आरोप

बेनामी संपत्तियों के आरोप

एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि अरविंद कई कंपनियों और संपत्तियों के फायदेमंद मालिक थे, जिन्हें बेनामी तरीके से रखा गया। आरोप है कि एमटेक ग्रुप के कर्मचारी जैसे ड्राइवर, चपरासी और फील्ड स्टाफ को औपचारिक रूप से डायरेक्टर बनाया गया। ED का कहना है कि इन संपत्तियों की जानकारी बैंकों या कर्जदाताओं को कभी नहीं दी गई, जिससे जांच एजेंसियों की चिंता और सतर्कता दोनों बढ़ गई।

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