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श्रीधर वेंबू ने चिप्स की बढ़ती कीमतों पर जताई चिंता, कहा- बिजनेस करना मुश्किल हुआ
श्रीधर वेंबू ने चिप्स की कीमतें बढ़ने के कारण हो रही परेशानी पर चिंता जताई है

श्रीधर वेंबू ने चिप्स की बढ़ती कीमतों पर जताई चिंता, कहा- बिजनेस करना मुश्किल हुआ

Aug 18, 2026
11:05 am

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स से मेमोरी की मांग में उछाल और आपूर्ति में कमी के कारण मेमोरी चिप्स महंगी हो गई हैं। अब जोहो के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने माना है कि हालात ऐसे हो गए हैं कि उनके लिए भी बिजनेस करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने एक्स पर एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए पोस्ट किया, जिसमें कहा गया था कि "12 महीनों में मेमोरी की कीमतें 500 प्रतिशत बढ़ गई हैं।"

AI टोकन

AI का उपयोग भी हुआ महंगा 

जोहो के संस्थापक ने लिखा, "मेमोरी और AI टोकन की कीमतों ने बिजनेस को बहुत मुश्किल बना दिया है। हमने कीमतें बढ़ाने से परहेज किया है, लेकिन अब ऐसा करना मुश्किल होता जा रहा है।"

बता दें कि टॉम्स हार्डवेयर की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त, 2025 से अगस्त, 2026 के बीच कुछ खास किट के लिए DDR5 मेमोरी की औसत कीमत 90 डॉलर (लगभग 8,600 रुपये) से बढ़कर 425 डॉलर (लगभग 40,000 रुपये) हो गई।

असर 

स्मार्टफोन निर्माताओं ने बढ़ाए दाम 

ज्यादा क्षमता वाली 128GB DDR5-6400 किट की कीमत अब 3,399 डॉलर (लगभग 3.25 लाख रुपये) है, जो इसकी अब तक की सबसे कम कीमत 329 डॉलर (लगभग 31,000 रुपये) से 10 गुना ज्यादा है।

श्रीधर वेंबू का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पूरा टेक उद्योग बढ़ती कीमतों के दबाव का सामना कर रहा है।

कई कंपनियों ने अपने स्मार्टफोन की कीमत बढ़ाई है और अब जोहो जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।

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