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स्काईरूट बनी भारत की पहली स्पेस यूनिकॉर्न, इतना हुआ मूल्यांकन
स्काईरूट बनी भारत की पहली स्पेस यूनिकॉर्न

स्काईरूट बनी भारत की पहली स्पेस यूनिकॉर्न, इतना हुआ मूल्यांकन

May 07, 2026
10:13 am

क्या है खबर?

हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की पहली अंतरिक्ष क्षेत्र की यूनिकॉर्न कंपनी बन गई है। स्काईरूट ने 6 करोड़ डॉलर (लगभग 570 करोड़ रुपये) का बड़ा निवेश हासिल किया है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर 1.1 अरब डॉलर (लगभग 105 अरब रुपये) पहुंच गया है। इस उपलब्धि के बाद स्काईरूट अब भारत के सबसे बड़े निजी स्पेस स्टार्टअप्स में शामिल हो गई है और तेजी से विस्तार की तैयारी कर रही है।

निवेशक

कई बड़े निवेशकों ने दिखाया भरोसा

नए निवेश दौर में शेरपालो, सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड GIC, ब्लैक रॉक, ग्रीनको ग्रुप, अर्कम वेंचर्स और कई बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया है। प्लेबुक पार्टनर्स और संघवी फैमिली ऑफिस कंपनी के नए निवेशक बने हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व शेरपालो और जीआईसी ने मिलकर किया। निवेशकों का कहना है कि स्काईरूट ने कम समय में अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है और आने वाले वर्षों में यह कंपनी बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।

मिशन

विक्रम-1 मिशन की तैयारी तेज

स्काईरूट एयरोस्पेस अपने विक्रम-1 लॉन्च मिशन की तैयारी में जुटी हुई है। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO पवन कुमार चंदना ने कहा कि यह भारत का पहला निजी कक्षीय रॉकेट होगा। कंपनी पहले भी एक सफल लॉन्च कर चुकी है और अब अगले कुछ हफ्तों में नया प्रक्षेपण करने की योजना बना रही है। कंपनी का कहना है कि यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है और इससे नए अवसर खुलेंगे।

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लाभ

नई फंडिंग से बढ़ेगा विस्तार और उत्पादन

कंपनी ने बताया कि नए निवेश का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और विक्रम-2 रॉकेट के विकास में किया जाएगा। विक्रम-2 एक उन्नत क्रायोजेनिक तकनीक वाला लॉन्च व्हीकल होगा, जो बड़े मिशनों के लिए तैयार किया जा रहा है। स्काईरूट अब तक कुल 16 करोड़ डॉलर(लगभग 1,500 करोड़ रुपये) से ज्यादा की फंडिंग जुटा चुकी है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले समय में भारत और दुनिया के लिए कम लागत वाले अंतरिक्ष लॉन्च समाधान उपलब्ध कराना है।

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