SEBI म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए ला रहा नई प्रमाणन योजना
हाल ही में एक कार्यक्रम में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पूर्ण कालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने बताया कि म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (MFDs) आम निवेशकों के लिए बेहद अहम हैं।
उन्होंने कहा कि खासकर जब बाजार में उठा-पटक चलती है तो MFDs निवेशकों के लिए 'व्यवहारिक आधार' का काम करते हैं। उनके मुताबिक, ये डिस्ट्रीब्यूटर्स मुश्किल समय में भी निवेशकों को उनके वित्तीय लक्ष्यों से भटकने नहीं देते, भले ही बाजार अस्थिर क्यों न दिख रहा हो।
MFDs की वजह से AUM पहुंचा 85 लाख करोड़ रुपये तक
MFDs की वजह से भारत के म्युचुअल फंड उद्योग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक समय जो एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2014 में 10 लाख करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर 85 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
मौजूदा समय में ये डिस्ट्रीब्यूटर्स 71 फीसदी खुदरा और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेश को मैनेज करते हैं। इनकी मदद से 6 करोड़ से ज्यादा नए निवेशक बाजार से जुड़े हैं।
MFDs की पहुंच छोटे शहरों तक भी बढ़ रही है, जहां B-30 शहरों से आने वाली कुल संपत्ति का हिस्सा अब 19 फीसदी है, जबकि 5 साल पहले यह आंकड़ा सिर्फ 16 फीसदी था।
MFDs के लिए बनेगा व्यवस्थित ढांचा
SEBI म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए नए सर्टिफिकेशन और एक व्यवस्थित ढांचा लाने की तैयारी कर रहा है। इन बदलावों के बाद MFDs को और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकेंगी, जैसे कि ग्राहकों के पोर्टफोलियो का बेहतर और ज्यादा गहराई से प्रबंधन करना। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि MFDs का काम नैतिक मूल्यों पर आधारित रहे और निवेशकों का विश्वास उन पर लगातार बढ़ता जाए।