जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38 फीसदी हुई, RBI के लक्ष्य से ऊपर निकली
क्या है खबर?
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में खुदरा महंगाई दर मई के 3.93 फीसदी से बढ़कर जून में 4.38 फीसदी हो गई। यह पिछले 5 महीनों में पहली बार है, जब यह दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 फीसदी के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ऊपर गई है। हालांकि, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित महंगाई दर RBI की 2-6 फीसदी की स्वीकार्य सीमा के भीतर ही रही।
CFPI
खाने-पीने की चीजों के बढ़े दाम
कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के आधार पर मापी गई खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर मई के 4.78 फीसदी से बढ़कर जून में 5.32 फीसदी हो गई।
ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 5.45 फीसदी रही, जबकि शहरी इलाकों में यह 5.09 फीसदी दर्ज की गई।
कुल मिलाकर ग्रामीण महंगाई दर मई के 4.25 फीसदी से बढ़कर जून में 4.74 फीसदी हो गई, जबकि शहरी महंगाई दर 3.53 से बढ़कर 3.92 फीसदी हो गई।
खर्च श्रेणियां
खर्च श्रेणियों में भी बढ़ी महंगाई
जनवरी के बाद पहली बार हेडलाइन महंगाई दर RBI के 4 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर चली गई है।
जनवरी में खुदरा महंगाई घटकर 2.74 फीसदी हो गई, लेकिन इसके बाद बढ़कर फरवरी में 3.21 फीसदी, मार्च में 3.40 फीसदी, अप्रैल में 3.48 फीसदी और मई में 3.93 फीसदी हो गई।
खर्च की मुख्य श्रेणियों में जून में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 5.05 फीसदी, ट्रांसपोर्ट की महंगाई 4.31 फीसदी, शिक्षा सेवाओं की महंगाई 3.34 फीसदी हो गई।
राज्य
किस राज्य में रही सबसे ज्यादा महंगाई दर?
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50 लाख से ज्यादा आबादी वाले राज्यों में तेलंगाना में सबसे ज्यादा खुदरा महंगाई दर 6.36 फीसदी दर्ज की गई।
इसके बाद आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी का नंबर रहा, जहां यह दर 5.39 फीसदी थी।
तमिलनाडु में महंगाई दर 5.24 फीसदी और ओडिशा में 5.15 फीसदी दर्ज की गई। दिल्ली में देश की सबसे कम महंगाई दरों में से एक बनी रही, जहां खुदरा महंगाई दर 2.96 फीसदी थी।