
रेनो ने भारत में निसान की निर्माण यूनिट में 51 फीसदी हिस्सेदारी का किया अधिग्रहण
क्या है खबर?
रेनो समूह ने आज (31 मार्च) रेनो निसान ऑटोमोटिव इंडिया (RNAIPL) की शेष 51 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने की घोषणा की है, जो वर्तमान में निसान मोटर के पास है।
इस रणनीतिक कदम में 51 फीसदी इक्विटी शेयर और 80.6 फीसदी पसंदीदा शेयर की बिक्री शामिल है, जिसकी कुल कीमत 35.3 अरब रुपये है।
विनियामक अनुमोदन के अधीन है और यह लेनदेन 2025 की पहली छमाही के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
कारण
निसान ने क्यों हस्तांतरित की हिस्सेदारी?
यह निर्णय निसान के अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने और रेनो के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को संभावित रूप से मजबूत करने के चल रहे प्रयासों को दर्शाता है।
यह इसकी बाजार स्थिति और हितधारक हितों को प्रभावित करता है।
निसान मोटर ऑटोमोटिव उद्योग में एक दिग्गज कंपनी है, जो मुख्य रूप से कारों के निर्माण में लगी हुई है।
कंपनी की बाजार में महत्वपूर्ण उपस्थिति है और अपनी अभिनव कारों और मजबूत वैश्विक साझेदारी के लिए जानी जाती है।
स्वामित्व
रेनो को मिला प्लांट पर पूर्ण स्वामित्व
इस अधिग्रहण के बाद निसान के प्लांट पर रेनो का पूरा स्वामित्व हो गया है। चेन्नई में स्थित निसान के इस प्लांट में 2010 में परिचालन शुरू हुआ था।
इसमें रेनो और निसान के पास क्रमशः 30 फीसदी और 70 फीसदी हिस्सेदारी थी।
2023 में भारत में 6 नए मॉडल बनाने के लिए संयुक्त रूप से 60 करोड़ डॉलर (करीब 5,133 करोड़ रुपये) का निवेश करने के समझौते के तहत निसान की हिस्सेदारी घटाकर 51 फीसदी कर दी गई।