रिलायंस AGM 2026: जियो के यूजर्स 52.4 करोड़ के पार, एयरफाइबर से जुड़े 1.3 करोड़ घर
क्या है खबर?
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक (AGM) में जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी की वृद्धि से जुड़े कई बड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि जियो का कुल यूजर बेस 52.4 करोड़ के पार पहुंच गया है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जियो 5G और ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार के साथ नेटवर्क को मजबूत कर रही है और करोड़ों नए ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है।
एयरफाइबर
जियो एयरफाइबर तेजी से बढ़ा
अंबानी ने कहा कि जियो एयरफाइबर को देशभर में तेजी से अपनाया जा रहा है। कंपनी अब तक इस सेवा के जरिए 1.3 करोड़ से ज्यादा घरों को जोड़ चुकी है। उन्होंने बताया कि जियो रोजाना करीब 60,000 नए घरों तक ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचा रही है। कंपनी का फोकस उन इलाकों तक भी तेज इंटरनेट पहुंचाने पर है, जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड सेवाओं की पहुंच सीमित रही है। इसके लिए जियो लगातार अपना नेटवर्क मजबूत कर रही है।
बढ़त
5G यूजर्स में भी बड़ी बढ़त
जियो के 5G यूजर्स की संख्या 26.8 करोड़ से अधिक हो गई है। इसके साथ ही जियो चीन के बाहर किसी एक देश की सबसे बड़ी 5G ग्राहक आधार वाली टेलीकॉम कंपनी बन गई है। अंबानी ने बताया कि बीते एक साल में कंपनी ने 7.7 करोड़ नए 5G यूजर्स जोड़े हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में अधिक से अधिक ग्राहकों को नई पीढ़ी की नेटवर्क सेवाओं से जोड़ना है।
लक्ष्य
2030 तक सभी ग्राहकों को 5G पर लाने का लक्ष्य
जियो का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अपने सभी ग्राहकों को 5G नेटवर्क पर लाना है। कंपनी इसके लिए नेटवर्क विस्तार और नई तकनीकों में लगातार निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि उन्हें तेज इंटरनेट और आधुनिक डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सके। जियो का मानना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी आर्थिक विकास को नई गति दे सकती है।
AI
AI और डाटा उपयोग पर भी फोकस
अंबानी ने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति डाटा खपत बढ़कर 42.3GB प्रति माह तक पहुंच गई है, जो देश में तेजी से बढ़ती डिजिटल खपत को दिखाती है। उन्होंने बताया कि जियो अब अपने प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी शामिल कर रही है। कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों को पहले से ज्यादा स्मार्ट, तेज और बेहतर डिजिटल अनुभव देना है, ताकि आने वाले समय में नई तकनीक का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।