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सरकारी टूल से वापस पा सकते हैं धोखाधड़ी में फ्रीज हुआ पैसा, जानिए कैसे करें आवेदन
धोखाधड़ी में फ्रीज हुआ पैसा सरकारी पोर्टल से वापस पाया जा सकता है

सरकारी टूल से वापस पा सकते हैं धोखाधड़ी में फ्रीज हुआ पैसा, जानिए कैसे करें आवेदन

Sep 07, 2026
06:56 pm

क्या है खबर?

भारत में ऑनलाइन फ्रॉड एक बढ़ती हुई समस्या बन गए हैं। इसकी वजह से हजारों लोगों के लाखों और करोड़ों रुपये डूब गए हैं। सरकार का नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पीड़ित साइबर अपराध की रिपोर्ट कर सकते हैं और धोखाधड़ी वाले लेन-देन को फ्रीज करवाने में मदद ले सकते हैं। अब फ्रीज पैसा वापस दिलाने के लिए मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) नाम का एक और प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। आइए जानते हैं इसका उपयोग कैसे करें।

MRM

क्या है MRM सिस्टम?

इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की ओर से लॉन्च किया गया मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल धोखाधड़ी पीड़ितों की मदद के लिए बनाया गया है।

इससे पैसा स्कैमर या लाभार्थी के बैंक अकाउंट में फ्रीज या होल्ड कर दिया गया है तो वे उसे वापस पा सकें। यह प्रोसेस ऑनलाइन शुरू किया जा सकता है।

इसलिए पैसे वापसी की रिक्वेस्ट जमा करने के लिए आपको बैंक या सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट 

धोखाधड़ी की जल्द से जल्द करें रिपोर्ट

MRM पर रिफंड के लिए सबसे पहले 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करके या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के जरिए शिकायत दर्ज करके धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें।

इससे उस पैसे को फ्रीज करने की संभावना बढ़ जाती है। अब यह पता करें कि क्या पैसे का पता लगाकर उसे फ्रीज कर दिया गया है?

यह पता करने के बाद ही आप पैसे वापस पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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आवेदन 

ऐसे करें रिफंड के लिए आवेदन 

रिफंड का अनुरोध करने के लिए MRM पर जाएं और 'रेज रिफंड रिक्वेस्ट' पर क्लिक करें।

साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करते समय आपको मिला 14-अंकों का NCRP एकनॉलेजमेंट नंबर डालें और OTP का इस्तेमाल करके उसे सत्यापित करें।

लॉग-इन करने के बाद पोर्टल पर दिखाई गई शिकायत और रिफंड की जानकारी देखें।

उस बैंक अकाउंट की जानकारी डालें, जिसमें आप वापस मिलने वाला पैसा जमा करवाना चाहते हैं। पैन कार्ड की कॉपी अपलोड करने के बाद रिक्वेस्ट सब्मिट करें।

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ट्रैक 

इस नंबर से कर सकते हैं आवेदन ट्रैक

फॉर्म सब्मिट करने के बाद पोर्टल एक 14-अंकों की रिक्वेस्ट ID या यूनिक रिक्वेस्ट नंबर (URN) जनरेट करेगा।

इसे सुरक्षित रखें क्योंकि आप इसका इस्तेमाल अपने अनुरोध को ट्रैक करने के लिए कर सकते हैं।

आपसे पुलिस को एक इंडेम्निटी बॉन्ड (हर्जाना-भरपाई बॉन्ड) जमा करने के लिए भी कहा जा सकता है। इसके बाद लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार अधिकारी, बैंक और अन्य संबंधित संस्थान बहाली के अनुरोध पर कार्रवाई करेंगे।

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