ITR भरने के बाद भी आ सकता है नोटिस, जानें अब क्या करें
क्या है खबर?
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) समय पर भरने के बाद भी नोटिस आ सकता है। ऐसा तब होता है जब रिटर्न में दी गई जानकारी और विभाग के पास मौजूद रिकॉर्ड में अंतर दिखाई देता है। ब्याज, TDS, शेयरों से कमाई, कटौती या बैंक से जुड़ी जानकारी छूटने पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए नोटिस मिलने पर घबराने के बजाय उसकी जानकारी ध्यान से जांचें और तय समयसीमा के भीतर सही जवाब देना जरूरी है।
#1
सबसे पहले नोटिस की जानकारी जांचें
नोटिस मिलते ही सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर उसकी जांच करें।नोटिस नंबर, आकलन वर्ष, पैन और जारी होने का कारण जरूर देखें।
इसके बाद नोटिस में उठाए गए सवालों को अपने रिटर्न, फॉर्म 26AS और AIS से मिलाएं। अगर विभाग की जानकारी सही है तो तुरंत ही जरूरी सुधार करें।
गलती नहीं है तो उससे जुड़े कागजात तैयार रखें और जवाब देते समय सही जानकारी स्पष्ट रूप से और समय पर दें।
#2
आय और दस्तावेजों को दोबारा मिलाएं
अगर नोटिस में किसी आय की जानकारी छूटने की बात है, तो सैलरी, बैंक ब्याज, लाभांश, शेयरों की बिक्री, पूंजीगत लाभ और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड दोबारा ध्यान से जांचें।
गलत कटौती या छूट ली है तो नियम के अनुसार सुधार करना जरूरी है। जहां अनुमति हो, संशोधित या अपडेटेड रिटर्न दाखिल करके गलती ठीक की जा सकती है।
जरूरत पड़ने पर कर विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही अगला कदम उठाएं। बड़ी रकम या जटिल मामलों में अतिरिक्त सावधानी रखें।
#3
जवाब की अंतिम तारीख न भूलें
नोटिस को नजरअंदाज करना बड़ी गलती हो सकती है।
उसमें दी गई अंतिम तारीख जरूर नोट करें और समय रहते जवाब भेजें। जवाब के साथ प्रमाण और दस्तावेज लगाएं, ताकि विभाग को स्थिति समझने में आसानी हो। अगर आपको लगता है कि रिटर्न सही है, तब भी अपने दावे के समर्थन में रिकॉर्ड जमा करें।
समय पर जवाब देने से कार्रवाई, जुर्माने और अतिरिक्त कर की परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।