उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट निवेश 54 प्रतिशत बढ़कर 68,328 करोड़ रुपये पर पहुंचा
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश 2025 में देश के सबसे तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट निवेश केंद्रों में शामिल हो गया है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UPRERA) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश एक साल में करीब 54 प्रतिशत बढ़ा है। 2024 में जहां निवेश 44,526 करोड़ रुपये था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 68,328 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह बढ़ोतरी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को साफ दिखाती है।
रिकॉर्ड
रिकॉर्ड प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन से बढ़ा भरोसा
UPRERA के अनुसार, 2025 में कुल 308 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह संख्या 2024 के 259 प्रोजेक्ट्स से करीब 19 प्रतिशत ज्यादा है, जिससे निवेशकों के भरोसे में साफ बढ़ोतरी दिखती है। इसी तरह मंजूर रेजिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट्स की संख्या भी बढ़कर 84,976 हो गई। अधिकारियों का कहना है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और बदली हुई सरकारी पॉलिसियों से रियल एस्टेट सेक्टर को लगातार मजबूती मिल रही है।
शहर
नोएडा, लखनऊ और गाजियाबाद सबसे आगे
जिलों की बात करें तो गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा रियल एस्टेट निवेश में सबसे आगे रहा और निवेशकों की पहली पसंद बना। यहां 69 प्रोजेक्ट्स और 37,199 यूनिट्स को मंजूरी मिली, जो राज्य में सबसे ज्यादा है। लखनऊ 67 प्रोजेक्ट्स और 13,668 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जहां लगातार विकास कार्य जारी हैं। गाजियाबाद में 29 प्रोजेक्ट्स के तहत 10,747 यूनिट्स स्वीकृत हुईं। निवेश के मामले में भी नोएडा पहले, गाजियाबाद दूसरे और लखनऊ तीसरे स्थान पर रहा।
अन्य
धार्मिक पर्यटन और नई नीतियों से रफ्तार
अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक शहरों में भी रियल एस्टेट निवेश तेजी से बढ़ा है। बढ़ते पर्यटन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से होटल, गेस्ट हाउस और आवासीय प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही सरकार ने टाउनशिप नीति को आसान किया, जिससे जमीन की न्यूनतम सीमा घटाई गई और नए निवेश को बढ़ावा मिला। UPRERA चेयरमैन संजय भूसरेड्डी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मजबूत नियामक व्यवस्था पर निवेशकों के भरोसे को साफ तौर पर दर्शाती है।