2027 से लोन की ब्याज दरों के नियम होंगे पारदर्शी, RBI का बड़ा बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन की ब्याज दरों, बेंचमार्क और स्प्रेड्स के लिए एक समान ढांचा बनाने के लिए नए मसौदा नियम पेश किए हैं।
अगर, इन नियमों को अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो ये 1 अप्रैल, 2027 से लागू हो जाएंगे। 2027 से अगर किसी उधारकर्ता के लोन को नए सिस्टम में बदलना पड़े तो बैंक उससे माइग्रेशन फीस नहीं ले पाएंगे।
साथ ही, इस बदलाव की वजह से ब्याज दर अचानक नहीं बढ़ेगी। जो लोन अभी इंटरनल या एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़े हुए हैं, उनके लिए भी RBI ने 1 अप्रैल, 2029 तक एक बार की मैपिंग प्रक्रिया का प्रस्ताव किया है। इसके लिए उधारकर्ता की सहमति जरूरी होगी और कोई माइग्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी।
फ्लोटिंग रेट लोन के बताने होंगे नियम
अगर, आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है तो अब आपके लिए चीजें और भी साफ हो जाएंगी। बैंकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे आपको साफ-साफ बताएं कि आपकी ब्याज दर कैसे तय होती है और वह कब बदल सकती है।
ब्याज दर में बदलाव हर 3 महीने में एक बार से ज्यादा नहीं हो सकता। बैंक बिना किसी ठोस वजह के कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगा पाएंगे।
इसके अलावा, कोई संदर्भ दर बंद हो जाती है तो बैंक को नई दर चुननी पड़ेगी, लेकिन इससे उधारकर्ता का खर्चा नहीं बढ़ना चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि उधारकर्ताओं की उलझन कम हो और उन्हें किसी अप्रत्याशित परेशानी का सामना न करना पड़े।