LOADING...
RBI ने सरकार को दिया रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस, क्या है इसका मतलब?
RBI ने सरकार को दिया रिकॉर्ड सरप्लस

RBI ने सरकार को दिया रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस, क्या है इसका मतलब?

May 22, 2026
05:53 pm

क्या है खबर?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर करने का ऐलान किया है। यह RBI की तरफ से सरकार को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा भुगतान होगा। सरकार ने इस साल के बजट में RBI और सरकारी कंपनियों से कुल 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया था। वहीं 31 मार्च, 2026 तक RBI की बैलेंस शीट बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।

सरप्लस ट्रांसफर

RBI का सरप्लस ट्रांसफर क्या होता है?

RBI हर साल अपनी कमाई का एक हिस्सा केंद्र सरकार को देता है, जिसे सरप्लस ट्रांसफर या डिविडेंड कहा जाता है। यह कमाई विदेशी मुद्रा भंडार, सरकारी बॉन्ड, निवेश और करेंसी नोट छापने जैसी गतिविधियों से होती है। इस रकम का इस्तेमाल सरकार अपने खर्च और आर्थिक योजनाओं के लिए करती है। इस बार RBI की आय और बैलेंस शीट में अच्छी बढ़ोतरी हुई, जिसके कारण सरकार को रिकॉर्ड स्तर का सरप्लस ट्रांसफर मिल सका है।

जोखिम फंड

जोखिम फंड और कमाई में भी हुई बढ़ोतरी

RBI की कुल आय पिछले साल के मुकाबले 26.42 प्रतिशत बढ़ी, जबकि खर्च में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय बैंक ने जोखिम से निपटने के लिए बनाए जाने वाले कंटिंजेंट रिस्क बफर में 1.09 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। पिछले साल यह रकम करीब 44,861 करोड़ रुपये थी। बोर्ड ने फैसला लिया कि यह फंड RBI की कुल बैलेंस शीट का 6.5 प्रतिशत बना रहेगा। इसे भविष्य के आर्थिक जोखिमों से सुरक्षा के लिए जरूरी माना जा रहा है।

Advertisement

डॉलर

डॉलर और सोने की कीमतों से हुआ फायदा

इस साल अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और सोने की कीमतों में तेजी से RBI को बड़ा फायदा हुआ। डॉलर की कीमत में करीब 10 प्रतिशत गिरावट और सोने की कीमतों में लगभग 60 प्रतिशत बढ़ोतरी से केंद्रीय बैंक की कमाई मजबूत हुई। इसके अलावा, RBI ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए करीब 9 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे। इससे RBI की बैलेंस शीट और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर संभव हुआ।

Advertisement

राहत

सरकार को आर्थिक मोर्चे पर मिलेगी राहत

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि RBI से मिली यह बड़ी रकम सरकार को आर्थिक दबाव से निपटने में मदद करेगी। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की कमजोरी के बीच यह भुगतान सरकार के लिए राहत माना जा रहा है। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इससे वित्तीय घाटे की पूरी समस्या खत्म नहीं होगी। फिर भी RBI का यह रिकॉर्ड भुगतान सरकार के गैर-कर राजस्व को मजबूत करेगा और आर्थिक योजनाओं को संभालने में मदद करेगा।

Advertisement