RBI ने डॉलर में निवेश करने वाले NRIs को दी सस्ते लोन की सुविधा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशों में रहने वाले भारतियों (NRIs) से ज्यादा विदेशी मुद्रा लाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब बैंक उन NRI ग्राहकों को रुपयों का लोन दे सकते हैं, जो 8 जून से 30 सितंबर के बीच 3 से 5 साल की अवधि के लिए FCNR-B डिपॉजिट करते हैं या उसे रिन्यू कराते हैं।
सबसे बड़ी बात ये है कि इन लोन को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग) के लक्ष्यों में नहीं गिना जाएगा, जिससे बैंकों के लिए इन्हें देना और आसान हो गया है।
इससे NRI के पास मौजूद डॉलर का इस्तेमाल देश की जरूरत के लिए किया जा सकेगा और भारत में डॉलर का प्रवाह बढ़ेगा।
बैंकों के लिए डिपॉजिट नियमों में मिली ढील
इसी तरह, NRE टर्म डिपॉजिट (3 साल की लॉक-इन अवधि) के बदले भी लोन लेने पर बैंकों को ये ढील मिलेगी, अगर, ये डिपॉजिट 19 जून से 30 सितंबर के बीच किए गए हों।
इसके अलावा, RBI ने ये भी कहा है कि 3 से 5 साल की अवधि वाले नए FCNR-B डिपॉजिट और इसी दौरान जमा किए गए नए NRE टर्म डिपॉजिट पर बैंकों को कैश रिजर्व रेशियो (CRR) और स्टेट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) नहीं रखना होगा।
ये सभी फैसले RBI की एक कोशिश का हिस्सा हैं, जिससे डॉलर को भारत लाया जा सके और रुपयों को मजबूत रखा जा सके।
इस कोशिश में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और ICICI जैसे बड़े बैंक पहले ही आगे आ चुके हैं, जो अब NRI को बेहतर ऑफर दे रहे हैं।