देश के कई शहरों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान, रिकॉर्ड स्तर पर बिजली की मांग
क्या है खबर?
भारत में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 25 अप्रैल को देश की पीक पावर डिमांड 256.1 गीगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले यह 252.08 गीगावाट था। कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे बिजली की खपत अचानक काफी ज्यादा हो गई है।
मांग
अप्रैल में ही बढ़ी मांग
आमतौर पर भारत में बिजली की सबसे ज्यादा मांग जून या जुलाई में होती है, लेकिन इस साल अप्रैल में ही रिकॉर्ड बन गया। इससे साफ है कि गर्मी जल्दी और ज्यादा तेज पड़ रही है। इस बदलाव से यह चिंता बढ़ गई है कि आने वाले महीनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। लंबे समय तक ज्यादा खपत रहने से बिजली सप्लाई पर दबाव बढ़ने का खतरा है और सिस्टम को संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
राहत
कोयला और सोलर से मिली राहत
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोयले से चलने वाले प्लांट्स ने लगभग 187 गीगावाट बिजली बनाई, जो मुख्य आधार बना रहा। इसके साथ ही गैस आधारित प्लांट्स ने भी करीब 9.6 गीगावाट योगदान दिया। सोलर एनर्जी ने भी बड़ी भूमिका निभाई और करीब 57 गीगावाट बिजली दी, जो कुल उत्पादन का लगभग 22 प्रतिशत है। इससे दिन के समय थर्मल प्लांट्स पर दबाव कुछ हद तक कम करने में मदद मिली है।
अन्य
एल नीनो से आगे और बढ़ेगा दबाव
मौसम एजेंसियों के मुताबिक, आने वाले समय में एल नीनो का असर बढ़ सकता है, जिससे गर्मी और ज्यादा तेज होगी। इससे बिजली की मांग और बढ़ने की आशंका है, खासकर कूलिंग के लिए। सरकार को उम्मीद है कि इस साल पीक डिमांड 270 गीगावाट तक पहुंच सकती है। ऐसे में बिजली सप्लाई बनाए रखना और सिस्टम को संतुलित रखना बड़ी चुनौती बन सकता है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।