क्रेडिट स्कोर अच्छा फिर भी पर्सनल लोन रिजेक्ट? ये कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
क्या है खबर?
पर्सनल लोन लेने के लिए किसी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती, इसलिए यह कई लोगों के लिए आसान विकल्प माना जाता है। हालांकि, बैंक और NBFC के लिए ऐसा लोन ज्यादा जोखिम वाला होता है, क्योंकि भुगतान की गारंटी किसी संपत्ति से नहीं जुड़ी होती। इसी वजह से लोन देने वाला आवेदन स्वीकार करने से पहले कई चीजें जांचता है। आपकी कमाई, क्रेडिट रिकॉर्ड, नौकरी, मौजूदा कर्ज और दस्तावेजों की स्थिति इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
#1
कमजोर क्रेडिट हिस्ट्री बन सकती है बड़ी वजह
सबसे पहले लोन देने वाला आपकी क्रेडिट हिस्ट्री देखता है।
देर से EMI भुगतान, क्रेडिट कार्ड का बकाया, डिफॉल्ट या मिस्ड पेमेंट आपकी प्रोफाइल को कमजोर कर सकते हैं। इसके साथ आपकी आय और मौजूदा ईएमआई भी देखी जाती है। अगर कमाई का बड़ा हिस्सा पहले से कर्ज चुकाने में जा रहा है, तो नई ईएमआई जोखिम बढ़ा सकती है।
ऐसे में कम लोन राशि मांगना कभी-कभी आवेदन को ज्यादा व्यावहारिक बना सकता है।
#2
नौकरी और ज्यादा आवेदन भी बन सकते हैं वजह
नौकरी या आय का अस्थिर होना भी पर्सनल लोन की मंजूरी मुश्किल कर सकता है।
बार-बार नौकरी बदलना, कम नौकरी अनुभव या अनियमित कमाई से बैंक को भविष्य की भुगतान क्षमता पर संदेह हो सकता है। इसके अलावा, कम समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से भी सवाल उठ सकते हैं।
कई क्रेडिट जांच आपकी प्रोफाइल पर असर डाल सकती हैं। इसलिए लगातार आवेदन करने के बजाय पहले असली वजह समझना बेहतर होता है।
#3
दस्तावेजों में गलती से भी रिजेक्शन संभव
दस्तावेजों में अंतर भी लोन रिजेक्शन की वजह बन सकता है।
आय, नौकरी, बैंक खाते या पहचान से जुड़ी जानकारी अलग-अलग होने पर सत्यापन मुश्किल हो जाता है। आवेदन खारिज होने पर तुरंत दूसरे लोन के लिए आवेदन करने के बजाय पहले बैंक से कारण पूछें।
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचें, गलत जानकारी ठीक करें और मौजूदा कर्ज कम करने की कोशिश करें। फिर दोबारा आवेदन करें। हर रिजेक्शन स्थायी समस्या नहीं होता, लेकिन कारण समझना जरूरी है।