ITR भरने से पहले करें ये जरूरी जांच, नहीं होगी रिफंड में देरी
क्या है खबर?
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय केवल फॉर्म भरना ही काफी नहीं होता। टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि रिटर्न जमा करने से पहले सभी जरूरी जानकारी एक बार ध्यान से जांच लेनी चाहिए। इससे रिफंड में देरी, बाद में सुधार करने की जरूरत और आयकर विभाग से नोटिस मिलने जैसी परेशानियों से भी बचा जा सकता है। यह छोटी सी सावधानी आगे चलकर आपका समय और मेहनत दोनों बचा सकती है।
#1
सही फॉर्म और जानकारी जरूर जांचें
रिटर्न भरने से पहले सबसे पहले यह देखें कि आपने अपनी आय के अनुसार सही ITR फॉर्म चुना है या नहीं।
इसके बाद पैन, आधार, बैंक खाते की जानकारी, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी सभी निजी जानकारी भी जांच लें। अगर इनमें कोई गलती रह जाती है तो रिटर्न में दिक्कत आ सकती है।
गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न भी अमान्य माना जा सकता है और बाद में उसे दोबारा ठीक करने की जरूरत भी पड़ सकती है।
#2
AIS, TIS और फॉर्म 26AS से मिलान करें
रिटर्न जमा करने से पहले उसमें दी गई जानकारी का मिलान AIS, TIS और फॉर्म 26AS से जरूर करें।
सैलरी, बैंक ब्याज, TDS, पूंजीगत लाभ और अन्य आय का रिकॉर्ड इन दस्तावेजों से मेल खाना चाहिए। अगर कहीं कोई अंतर दिखाई दे तो पहले उसे ठीक करें।
साथ ही सभी छूट और कटौती से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने पास सुरक्षित रखें ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से दिखाया और इस्तेमाल किया जा सके।
#3
ई-वेरिफिकेशन करना बिल्कुल न भूलें
सिर्फ रिटर्न जमा कर देना ही पूरी प्रक्रिया नहीं होती। रिटर्न तभी पूरा माना जाता है जब उसे तय नियमों के अनुसार ई-वेरिफाई भी कर दिया जाए।
अगर ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया तो रिटर्न को दाखिल नहीं माना जा सकता। इसलिए सबमिट करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें।
कुछ मिनट की यह जांच और प्रक्रिया आपको बाद की परेशानी, नोटिस और रिफंड में देरी से बचा सकती है साथ ही आपका रिटर्न बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकता है।