AI और क्लाउड कारोबार के लिए ओरेकल जुटाएगी 1,900 अरब रुपये, शेयर-बॉन्ड बेचने की तैयारी
क्या है खबर?
ओरेकल अपने कारोबार के विस्तार के लिए 20 अरब डॉलर (लगभग 1,900 अरब रुपये) जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इसके लिए बॉन्ड और शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड से जुड़ा बुनियादी ढांचा तैयार करने में करेगी। इस खबर के बाद सोमवार को प्रीमार्केट कारोबार में ओरेकल के शेयर करीब 4 फीसदी गिर गए।
वजह
AI पर बढ़ते खर्च के लिए जुटा रही पैसा
ओरेकल अपने AI और क्लाउड कारोबार को तेजी से बढ़ाना चाहती है।
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक राजस्व 3 गुना से ज्यादा करना है। इसके लिए आने वाले वर्षों में निवेश की जरूरत होगी। ओरेकल ने पिछले हफ्ते बताया था कि चालू और अगले वित्त वर्ष में उसका पूंजीगत खर्च सबसे ज्यादा रहने वाला है।
हालांकि, कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 तक AI के लिए 20 अरब डॉलर से ज्यादा की अतिरिक्त रकम जुटाने से इनकार किया था।
कर्ज
कंपनी पर पहले से 125 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज
ओरेकल के मुताबिक, 31 अगस्त तक उस पर 125.34 अरब डॉलर का कर्ज था।
वहीं, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व 67.36 अरब डॉलर रहा। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 तक उसका राजस्व 225 अरब डॉलर से ज्यादा हो जाएगा।
इसके साथ ही प्रति शेयर समायोजित कमाई 21 डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है। कंपनी की बॉन्ड बिक्री में 2029 से 2046 के बीच अवधि वाले 6 हिस्से शामिल होंगे।
चिंता
निवेशकों की नजर ओरेकल के बढ़ते खर्च पर
ओरेकल की बॉन्ड बिक्री में एक फ्लोटिंग रेट और 5 निश्चित ब्याज दर वाले हिस्से शामिल होंगे।
हालांकि, इनकी ब्याज दर, कीमत और शेयरों की संख्या अभी तय नहीं की गई है। निवेशक कंपनी के AI पर बढ़ते खर्च को लेकर सतर्क हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि ओरेकल का क्लाउड कारोबार माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन के मुकाबले छोटा है।
इसके अलावा, कंपनी की OpenAI में बड़ी हिस्सेदारी और उसके साथ कारोबारी जुड़ाव निवेशकों की चिंता का विषय है।