Loading...
महानदी बेसिन में ONGC को मिली प्राकृतिक गैस, भारत के लिए क्यों अहम है ये खोज?
महानदी बेसिन में ONGC को मिली प्राकृतिक गैस

महानदी बेसिन में ONGC को मिली प्राकृतिक गैस, भारत के लिए क्यों अहम है ये खोज?

Sep 22, 2026
07:29 pm

क्या है खबर?

ओडिशा तट से करीब 43 किलोमीटर दूर महानदी बेसिन में तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ONGC) को गहरे पानी के एक कुएं में प्राकृतिक गैस मिली है। यह खोज MDW-28 कुएं में हुई, जिसे करीब 1,450 मीटर की गहराई तक ड्रिल किया गया था। कंपनी के मुताबिक, कुएं से तीन दिनों तक गैस अच्छी गति और लगातार दबाव के साथ बहती रही। हालांकि, ONGC ने अभी गैस की मात्रा और प्रवाह दर से जुड़ी जानकारी जारी नहीं की है।

कुआं

समुद्र में 770 मीटर गहराई पर है कुआं

महानदी बेसिन भारत के पूर्वी तट पर मौजूद एक बड़ा क्षेत्र है, जो महानदी नदी के डेल्टा से बंगाल की खाड़ी तक फैला है।

लाखों साल में नदियों से आए मलबे यहां जमा होते रहे, जिससे तेल और गैस बनने और जमा होने के लिए अनुकूल भूगर्भीय संरचनाएं बनीं।

इस बेसिन का बड़ा हिस्सा समुद्र में है, इसलिए यहां खोज करना तकनीकी रूप से कठिन और महंगा है। नया कुआं करीब 770 मीटर गहरे पानी में है।

महत्त्व

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

यह खोज भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है।

प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली बनाने, खाद उत्पादन, शहरों में गैस पहुंचाने और कई उद्योगों में होता है। अगर आगे की जांच में यहां बड़ी मात्रा में इस्तेमाल योग्य गैस मिलने की पुष्टि होती है, तो घरेलू उत्पादन बढ़ सकता है।

इससे भारत को आयातित ऊर्जा पर निर्भरता घटाने और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

ADVERTISEMENT

जांच

आगे होगी गैस भंडार की जांच

MDW-28 कुआं कोणार्क से करीब 23 नॉटिकल मील दूर है और यह महानदी बेसिन में ONGC के मौजूदा अभियान के तहत नियोजित चार कुओं में पहला है।

कंपनी ने 2024 में भी यहां उत्कल और कोणार्क गैस की खोज की थी। हालांकि, नई खोज के बाद तुरंत व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं होगा।

ONGC को अब गैस भंडार का आकार, निकाली जा सकने वाली मात्रा और उत्पादन की आर्थिक व्यवहार्यता जानने के लिए आगे जांच और ड्रिलिंग करनी होगी।

ADVERTISEMENT