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NSE ने किया 30,000 करोड़ रुपये के IPO का आवेदन, भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा इश्यू
30,000 करोड़ रुपये का IPO ला रहा NSE

NSE ने किया 30,000 करोड़ रुपये के IPO का आवेदन, भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा इश्यू

Jun 18, 2026
10:22 am

क्या है खबर?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बुधवार को अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए SEBI के पास शुरुआती दस्तावेज जमा कर दिए। इस इश्यू का अनुमानित आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये माना जा रहा है। यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। करीब एक दशक से नियामकीय अड़चनों के कारण रुकी NSE की लिस्टिंग योजना अब आगे बढ़ रही है। इस कदम को एक्सचेंज के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

बिक्री

14.89 करोड़ शेयरों की बिक्री

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी OFS के रूप में होगा। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे, जो एक्सचेंज की करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। सबसे ज्यादा 2.48 करोड़ शेयर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बेचेगा। इसके अलावा एमएस स्ट्रैटेजिक, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, बैंक ऑफ बड़ौदा और दूसरी संस्थाएं भी अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने की तैयारी में हैं।

शेयर

LIC नहीं बेचेगी एक भी शेयर

NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) है, जिसके पास 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हालांकि, LIC इस IPO में कोई शेयर नहीं बेचेगी। जानकारी के मुताबिक, IPO का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये हो सकता है, जिससे NSE का बाजार मूल्यांकन 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच सकता है। NSE के करीब 1.8 लाख शेयरधारक हैं। यह इश्यू हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड IPO को भी पीछे छोड़ सकता है।

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समस्या

2016 से अटका था IPO

NSE ने पहली बार 2016 में IPO के लिए दस्तावेज दाखिल किए थे और उस समय करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। हालांकि, गवर्नेंस से जुड़ी कमियों और को-लोकेशन मामले के कारण सेबी ने मंजूरी रोक दी थी। इसके बाद एक्सचेंज ने कई बार रेगुलेटर से संपर्क किया और गवर्नेंस व अनुपालन से जुड़े कई सुधार लागू किए। जनवरी, 2026 में सेबी ने मामले के निपटारे को सैद्धांतिक मंजूरी दी, जिससे IPO का रास्ता साफ हुआ।

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मुनाफा

मुनाफे में गिरावट

वित्तीय मोर्चे पर NSE ने वित्त वर्ष 2025-26 में 10,302 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष के 12,188 करोड़ रुपये से करीब 15 प्रतिशत कम है। इस दौरान कुल आय भी घटकर 18,713 करोड़ रुपये रही। हालांकि, मार्च तिमाही में तस्वीर बेहतर रही। जनवरी-मार्च तिमाही में NSE का शुद्ध लाभ 8 प्रतिशत बढ़कर 2,871 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि कुल आय 22 प्रतिशत बढ़कर 5,360 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

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