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RBI के नए नियम से बदल सकती है होम लोन की EMI, जानें पूरा असर
नए नियम से बदल सकती है होम लोन की EMI

RBI के नए नियम से बदल सकती है होम लोन की EMI, जानें पूरा असर

Aug 19, 2026
10:55 am

क्या है खबर?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज दरों में बदलाव को तेजी से लागू करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, अभी इसका मौजूदा कर्ज या EMI पर कोई असर नहीं होगा। RBI ने प्रस्ताव पर 11 सितंबर, 2026 तक सुझाव मांगे हैं। अगर नियम अंतिम रूप लेते हैं, तो नए नियम 1 अप्रैल, 2027 से लागू हो सकते हैं। फिलहाल उधारकर्ताओं को अपनी अगली EMI को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

ब्याज दर

हर तीन महीने में बदल सकती है ब्याज दर

प्रस्तावित नियमों के तहत फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज दर अधिकतम तीन महीने में रीसेट करनी होगी। अभी कई लोन साल में केवल एक बार रीसेट होते हैं।

इससे RBI के रेपो रेट में बदलाव का असर ग्राहकों तक पहुंचने में समय लगता है। नए नियम लागू होने पर दरों में कटौती का फायदा जल्दी मिल सकता है।

हालांकि, अगर ब्याज दर बढ़ती है, तो उसका असर भी EMI या कर्ज की अवधि पर तेज दिखाई दे सकता है।

मौजूदा लोन

मौजूदा लोन वालों को अभी कुछ नहीं करना

मौजूदा फ्लोटिंग रेट वाले कर्जदारों को फिलहाल कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है।

प्रस्ताव के अनुसार, मौजूदा लोन को 1 अप्रैल, 2029 तक नए ढांचे में लाया जा सकता है। इसके लिए कर्जदार की मंजूरी जरूरी होगी और स्विच करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

ऐसे समय में कर्जदार अपने लोन की समीक्षा कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कम स्प्रेड या तय ब्याज दर के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।

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ब्याज दर

लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर न देखें

नया होम लोन लेने वालों के लिए सिर्फ सबसे कम ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं होगा।

उन्हें यह देखना चाहिए कि लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है, स्प्रेड कितना है और ब्याज दर कितनी बार बदलेगी। उदाहरण के लिए, 50 लाख रुपये के 20 साल के लोन पर ब्याज दर में केवल 0.5 प्रतिशत का अंतर भी लंबे समय में लाखों रुपये का फर्क डाल सकता है।

RBI ने अगस्त, 2026 में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा था।

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