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UPI से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए संसद में आया नया बिल
UPI से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए संसद में आया नया बिल

UPI से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए संसद में आया नया बिल

Aug 04, 2026
05:54 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। यह बदलाव डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े नियमों को अपडेट करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने कहा है कि इस समय UPI या किसी दूसरे डिजिटल भुगतान माध्यम पर कोई नया शुल्क नहीं लगाया गया है और मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

अधिकार

सरकार को क्या नया अधिकार मिलेगा?

अगर यह कानून लागू होता है, तो सरकार भविष्य में खुद यह तय कर सकेगी कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या दूसरे मर्चेंट चार्ज लगाए जाएं और किन्हें इससे पूरी छूट दी जाए।

इससे सरकार अलग-अलग डिजिटल पेमेंट सेवाओं के लिए अलग नियम बना सकेगी। अभी इस बिल के जरिए किसी भुगतान माध्यम पर तुरंत कोई शुल्क लागू नहीं किया गया है।

भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार सरकार समय-समय पर नए फैसले भी ले सकेगी।

शुल्क

UPI पर अभी नहीं लगेगा कोई नया शुल्क

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए विधेयक का मतलब यह नहीं है कि UPI पर तुरंत MDR लागू हो जाएगा।

हालांकि, इस प्रस्ताव के बाद एक बार फिर डिजिटल भुगतान व्यवस्था और शून्य MDR नीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई बैंक और भुगतान कंपनियां लंबे समय से इस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रही हैं।

उनका कहना है कि इससे भुगतान सेवाओं को लंबे समय तक बेहतर तरीके से चलाया जा सकेगा।

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प्रस्ताव

बिल में दूसरे अहम प्रस्ताव भी शामिल

इस विधेयक में डिजिटल भुगतान के अलावा कई दूसरे बदलावों का भी प्रस्ताव रखा गया है।

इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को मिलने वाले कर प्रोत्साहन की अवधि बढ़ाना, विदेशी निवेश फंड से जुड़े नियमों को आसान बनाना और कुछ विदेशी निवेशकों व हीरा कारोबार से जुड़े कर प्रावधानों में संशोधन शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य नियमों को अधिक सरल और प्रभावी बनाना है, जिससे कारोबार और निवेश के माहौल को आगे मजबूती मिल सके।

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