AI कारोबार से माइक्रोसॉफ्ट को बड़ा फायदा, राजस्व 18 प्रतिशत बढ़कर 8,700 अरब रुपये हुआ
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कारोबार की बदौलत माइक्रोसॉफ्ट ने अप्रैल से जून तिमाही में शानदार कमाई दर्ज की है। कंपनी का राजस्व 18 फीसदी बढ़कर 90 अरब डॉलर (लगभग 8,650 अरब रुपये) पहुंच गया, जो बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। कंपनी ने कहा कि AI सेवाओं और क्लाउड प्लेटफॉर्म की मजबूत मांग से उसके कारोबार को लगातार फायदा मिल रहा है और आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद भी जताई है।
क्लाउड
क्लाउड कारोबार ने दिखाई तेज रफ्तार
माइक्रोसॉफ्ट का क्लाउड कारोबार इस तिमाही में भी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बना रहा। क्लाउड कारोबार से राजस्व बढ़कर 59.3 अरब डॉलर (लगभग 5,700 अरब रुपये) पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 27 फीसदी अधिक है।
वहीं एज्योर और दूसरी क्लाउड सेवाओं से होने वाला राजस्व 43 फीसदी बढ़ा है।
कंपनी का कहना है कि AI आधारित सेवाओं और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कारोबार को मजबूती मिल रही है।
कोपायलट
कोपायलट और एज्योर ने बनाया नया रिकॉर्ड
माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सत्य नडेला ने कहा कि इस साल एज्योर का सालाना राजस्व पहली बार 100 अरब डॉलर (लगभग 9,600 अरब रुपये) के पार पहुंच गया।
वहीं माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट के 3 करोड़ से भी अधिक पेड यूजर हो चुके हैं। कंपनी का कहना है कि बड़ी संख्या में ग्राहक AI तकनीक को अपना रहे हैं।
इससे माइक्रोसॉफ्ट की AI सेवाओं पर लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
कमाई
AI निवेश से लंबे समय में बेहतर कमाई की उम्मीद
कंपनी ने कहा कि वह AI और क्लाउड कारोबार में निवेश जारी रखेगी, क्योंकि उसे लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा है।
माइक्रोसॉफ्ट के तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आफ्टर-आवर्स कारोबार में कंपनी के शेयर करीब 9 फीसदी चढ़ गए।
कंपनी का मानना है कि AI तकनीक आने वाले वर्षों में उसकी कमाई का सबसे बड़ा आधार बनेगी और इससे कंपनी की बाजार में स्थिति भी और मजबूत होगी।