मेटा के प्रमुख जुकरबर्ग ने कहा- AI से नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बस बदलेंगी
हाल ही में अपनी कंपनी में हुई छंटनी के बावजूद मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नौकरियों के भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक दिख रहे हैं।
एक ब्लॉग पोस्ट में उन्होंने सुपरइंटेलिजेंस यानि उस AI के बारे में चर्चा की, जो इंसानों से भी ज्यादा स्मार्ट है। जुकरबर्ग ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि कोई ऐसा AI भविष्य क्यों बनाना चाहेगा, जहां ज्यादातर नौकरियां खत्म हो जाएं।
इसके बजाय, उनका मानना है कि भविष्य में बड़े बदलाव जरूर आएंगे, लेकिन इससे काम-धंधा खत्म नहीं होगा।
कंपनी ने छंटनी के साथ बढ़ाया निवेश
जुकरबर्ग ने बताया कि नई तकनीक हमेशा नए तरह के काम लाती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले ऐप डेवलपर या EV तकनीशियन जैसे काम नहीं होते थे, लेकिन तकनीक के साथ ये नए पेशे सामने आए।
उनका मानना है कि AI के आने से कस्टम प्रोडक्ट डिजाइनर या बायोलॉजिस्ट जैसी नई भूमिकाएं बन सकती हैं, जो लोगों के लिए पर्सनलाइज्ड इलाज तैयार करने में मदद करेंगे।
भले ही हाल ही में मेटा ने 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया हो, फिर भी कंपनी इस साल AI में 145 अरब डॉलर (करीब 13,000 अरब रुपये) का निवेश कर रही है। उनका मानना है कि नवाचार से लोगों के लिए और मौके पैदा होंगे, न कि सिर्फ उनकी नौकरियां जाएंगी।