डिजिटल गोल्ड की खरीद में बड़ा उछाल, छह महीने में बिक्री तीन गुना बढ़ी
क्या है खबर?
देश में डिजिटल गोल्ड खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली छमाही में डिजिटल गोल्ड की बिक्री सालाना आधार पर तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 17,631 करोड़ रुपये पहुंच गई। यह आंकड़ा पूरे वर्ष 2025 की 14,549 करोड़ रुपये की बिक्री से भी लगभग 21 प्रतिशत अधिक है। इससे डिजिटल निवेश की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता साफ दिखाई देती है।
UPI
ज्यादातर खरीदारी UPI के जरिए हुई
आंकड़ों के अनुसार, डिजिटल गोल्ड की 90 प्रतिशत से ज्यादा खरीदारी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए की गई।
जनवरी महीने में इसकी मासिक बिक्री करीब 4,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद जून तक यह घटकर लगभग 2,500 करोड़ रुपये रह गई।
इसके बावजूद पूरे छह महीने के दौरान कुल बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई और निवेशकों का रुझान बना रहा, जो इसकी बढ़ती स्वीकार्यता की ओर स्पष्ट संकेत देता है।
दिलचस्पी
आसान निवेश से बढ़ी लोगों की दिलचस्पी
डिजिटल गोल्ड की बिक्री कई प्रमुख भुगतान और खरीदारी प्लेटफॉर्म के जरिए की जाती है।
इसमें बहुत कम राशि से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। ग्राहक एक रुपये से लेकर करीब दो लाख रुपये तक का डिजिटल सोना खरीद सकते हैं। औसत लेनदेन मूल्य करीब 110 रुपये है।
यही वजह है कि कम आय और मध्यम आय वर्ग के लोगों की इसमें रुचि लगातार बढ़ रही है और नए निवेशक तेजी से इस विकल्प को अपना रहे हैं।
जरुरी बात
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
डिजिटल गोल्ड में निवेश करने पर वस्तु एवं सेवा कर, भंडारण शुल्क और प्लेटफॉर्म शुल्क देना पड़ता है।
निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार खरीदा गया सोना कभी भी बेच सकते हैं। इस क्षेत्र में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने के लिए कंपनियों ने एक स्वनियामक संगठन भी बनाया है।
इसका उद्देश्य बेहतर व्यवस्था और एक समान मानकों के साथ ग्राहकों का विश्वास मजबूत करना है, ताकि निवेशकों को सुरक्षित और पारदर्शी सेवाएं लगातार मिलती रहें।