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सुभाष चंद्रा को बड़ा झटका, NCLT ने 6.25 करोड़ रुपये वाले फैसले पर लगाई रोक
NCLT ने सुभाष चंद्रा को दिया बड़ा झटका

सुभाष चंद्रा को बड़ा झटका, NCLT ने 6.25 करोड़ रुपये वाले फैसले पर लगाई रोक

Sep 01, 2026
01:18 pm

क्या है खबर?

एस्सेल ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से आज (1 सितंबर) बड़ा झटका लगा है। NCLT की पांच सदस्यीय बेंच ने मंगलवार को 25 अगस्त के फैसले पर रोक लगा दी। उस फैसले में चंद्रा को करीब 22,006 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले सिर्फ 6.25 करोड़ रुपये देकर मामला खत्म करने की मंजूरी मिली थी। अब NCLT ने सभी पक्षों को नोटिस देकर इस मामले की दोबारा सुनवाई करने का फैसला किया है।

मामला

क्या है पूरा मामला?

चंद्रा के खिलाफ 2024 में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई थी। यह मामला एस्सेल ग्रुप की कंपनियों के कर्ज के लिए चंद्रा की दी गई गारंटी से जुड़ा है।

25 अगस्त को NCLT ने एक योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत करीब 22,006 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले बैंकों और दूसरे कर्जदाताओं को सिर्फ 6.25 करोड़ रुपये देने थे।

कई कर्जदाताओं ने इस फैसले का विरोध किया था।

आपत्ति

कर्जदाताओं ने क्यों जताई आपत्ति?

कर्जदाताओं ने कहा कि उन्हें मिलने वाली रकम बहुत कम है।

कुछ बैंकों ने यह भी सवाल उठाया कि योजना का समर्थन करने वाले कुछ कर्जदाता चंद्रा से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने चंद्रा की संपत्तियों की जांच कराने की मांग भी की।

मामला इसलिए भी उलझा, क्योंकि 2017 और 2018 में उनकी संपत्ति हजारों करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि इस मामले में उनकी मौजूदा संपत्ति करीब 31.79 करोड़ रुपये दर्ज हुई।

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बैंक

किन बैंकों का कितना पैसा फंसा?

इस मामले में कई बड़े बैंकों और संस्थाओं का पैसा जुड़ा है।

LIC हाउसिंग फाइनेंस का करीब 1,322 करोड़ रुपये, HDFC बैंक का 775 करोड़ और फ्रैंकलिन टेम्पलटन का 729 करोड़ रुपये फंसा बताया गया है।

एडलवाइस का करीब 565 करोड़, केनरा बैंक का 348 करोड़, इंडसइंड बैंक का 240 करोड़ और यूनियन बैंक का 164 करोड़ रुपये का पैसा जुड़ा है। अब दोबारा सुनवाई के बाद आगे की तस्वीर साफ होगी।

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