एनवीडिया के AI चिप्स में 48,000 अरब रुपये लगाएंगी बड़ी कंपनियां
क्या है खबर?
एनवीडिया अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स के लिए बड़ा धन जुटाने का मॉडल तैयार कर रही है। कंपनी ने छह बड़ी वित्तीय कंपनियों के साथ मिलकर 500 अरब डॉलर (लगभग 48,000 अरब रुपये) की धन जुटाने की योजना बनाई है। इसका इस्तेमाल AI डाटा सेंटर बनाने और एनवीडिया के चिप्स खरीदने के लिए किया जाएगा। इस योजना में अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट, ब्लैकस्टोन, ब्लैकरॉक, ब्रुकफील्ड, गोल्डमैन सैक्स और केकेआर शामिल हैं। इससे एआई क्षेत्र में निवेश का तरीका बदल सकता है।
योजना
AI चिप्स के लिए ऐसे जुटेगा पैसा
एनवीडिया की योजना AI कंपनियों और बड़े कारोबारों के लिए डाटाटा सेंटर बनाने तथा उसके हार्डवेयर खरीदने के लिए 500 अरब डॉलर से ज्यादा की बाहरी पूंजी जुटाने की है।
इसके लिए बड़े निवेश फंड, बीमा कंपनियों और निजी निवेश का इस्तेमाल होगा। एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग का कहना है कि कंपनी के चिप्स अब केवल कंप्यूटर का हिस्सा नहीं हैं।
इन्हें ऐसे सामान की तरह देखा जा सकता है, जो लंबे समय तक काम करते हैं।
कीमत
पुराने चिप्स की कीमत पर सवाल भी उठेंगे
पहले GPU को ऐसा हार्डवेयर माना जाता था, जो नई तकनीक आने के साथ जल्दी पुराना हो सकता है।
एनवीडिया अब इसे बदलने की कोशिश कर रही है और AI कंप्यूटिंग को लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाले बुनियादी ढांचे के रूप में देख रही है। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि नई पीढ़ी के चिप आने के बाद पुराने चिप्स की कीमत कितनी बचेगी।
इसके बावजूद बड़ी वित्तीय कंपनियां AI कंप्यूटिंग में निवेश को बड़ा मौका मान रही हैं।
अन्य
बड़ी कंपनियां AI में पैसा लगाने को तैयार
ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और गोल्डमैन सैक्स के बड़े अधिकारियों ने एनवीडिया की इस योजना को AI निवेश के लिए अहम बताया है।
ब्लैकस्टोन के जॉन ग्रे के मुताबिक, AI की मांग अभी सप्लाई से ज्यादा है और उनकी पोर्टफोलियो कंपनियों में AI का इस्तेमाल इस साल सात गुना बढ़ा है।
ब्लैकरॉक के लैरी फिंक ने इसे वित्तीय क्षेत्र में नए तरह के निवेश की शुरुआत बताया। कंपनियां अब एआई से जुड़े प्रोजेक्ट में ज्यादा पैसा लगाने की तैयारी कर रही हैं।