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दुनियाभर की टेक कंपनियों में छंटनी, 2026 में करीब 1.96 लाख कर्मचारियों की गई नौकरी
दुनियाभर की टेक कंपनियों में छंटनी

दुनियाभर की टेक कंपनियों में छंटनी, 2026 में करीब 1.96 लाख कर्मचारियों की गई नौकरी

Oct 26, 2026
04:49 pm

क्या है खबर?

दुनियाभर की टेक कंपनियों में नौकरियों में कटौती का सिलसिला जारी है। कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कामकाज को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इसका असर कर्मचारियों की नौकरियों पर पड़ रहा है। पहले माना जा रहा था कि यह छंटनी कुछ समय के लिए है, लेकिन 2026 में यह कंपनियों की काम करने की रणनीति का हिस्सा बनती दिख रही है। अक्टूबर के अंत तक करीब 1.96 लाख टेक कर्मचारियों की नौकरियां जा चुकी हैं।

#1

इंटेल, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट में भी कटौती

इस साल छंटनी का असर कई बड़ी टेक कंपनियों पर पड़ा है।

इंटेल ने करीब 15,000 नौकरियां कम करने की घोषणा की है। गूगल ने भी अपने अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटाई है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन ने भी कई इकाइयों में छंटनी की है।

कंपनियां AI और क्लाउड सेवाओं में निवेश बढ़ाने के साथ अपने खर्च कम करने पर जोर दे रही हैं। इस बदलाव का असर दुनिया भर के कर्मचारियों पर पड़ रहा है।

#2

सिस्को और ओरेकल ने भी घटाए कर्मचारी

टेक कंपनियों में छंटनी का असर दूसरी बड़ी कंपनियों पर भी दिखाई दे रहा है।

सिस्को ने 4,000 से ज्यादा नौकरियां कम की हैं। वहीं, ओरेकल में 2026 के मध्य तक कर्मचारियों की संख्या में करीब 21,000 की कमी दर्ज किए जाने की बात सामने आई।

इसके अलावा मेटा, ईबे और नेटफ्लिक्स जैसी कंपनियों में भी कर्मचारियों की संख्या घटाई गई है। कंपनियां अपने खर्च कम करने और कारोबार को नए सिरे से व्यवस्थित करने में जुटी हैं।

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#3

भारत की IT कंपनियों पर भी असर

छंटनी का असर भारत की IT कंपनियों पर भी पड़ रहा है।

कई कंपनियों ने नई भर्तियों की रफ्तार धीमी कर दी है और मौजूदा कर्मचारियों को नई तकनीक सिखाने पर ध्यान दे रही हैं। कंपनियां AI और ऑटोमेशन के इस्तेमाल से कामकाज बेहतर बनाना चाहती हैं।

अब केवल कर्मचारियों की संख्या को कारोबार की तरक्की का पैमाना नहीं माना जा रहा। कंपनियां हर कर्मचारी के काम और नई तकनीक को अपनाने की क्षमता पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।

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