नई शादी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय इन बातों का रखें ध्यान, भविष्य रहेगा सुरक्षित
क्या है खबर?
शादी के बाद जीवन में नई जिम्मेदारियां और कई बड़े वित्तीय फैसले सामने आते हैं। ऐसे में घर, बचत और भविष्य की योजनाओं के साथ हेल्थ इंश्योरेंस पर भी ध्यान देना जरूरी है। सही हेल्थ इंश्योरेंस किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय बड़े खर्च से बचाने में मदद करता है। इसलिए नए शादीशुदा जोड़ों को शुरुआत से ही अपनी जरूरत के अनुसार सही स्वास्थ्य बीमा योजना चुनने पर विचार करना चाहिए।
#1
पहले मौजूदा पॉलिसी और कवरेज की जांच करें
नई पॉलिसी खरीदने से पहले दोनों पार्टनर को अपने मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस की पूरी जानकारी देखनी चाहिए।
अगर नौकरी के साथ ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस मिला है, तो उसकी कवरेज, बीमा राशि, वेटिंग पीरियड, नियम और सीमाएं भी समझें। जरूरत पड़ने पर फैमिली फ्लोटर या अलग-अलग पॉलिसी का विकल्प चुन सकते हैं।
साथ ही भविष्य के मेडिकल खर्च को ध्यान में रखकर पर्याप्त बीमा राशि तय करना भी जरूरी है, जिससे बाद में अतिरिक्त खर्च का बोझ न बढ़े।
#2
मैटरनिटी और नौकरी बदलने जैसी बातों पर करें विचार
अगर भविष्य में परिवार बढ़ाने की योजना है, तो मैटरनिटी कवर वाली पॉलिसी समय रहते लेना बेहतर रहता है।
कई योजनाओं में इसके लिए वेटिंग पीरियड होता है। इसके अलावा, केवल कंपनी के हेल्थ इंश्योरेंस पर निर्भर रहना भी सही नहीं माना जाता।
नौकरी बदलने पर यह सुविधा खत्म हो सकती है, इसलिए अलग व्यक्तिगत या फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस रखना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है, जो लंबे समय तक लगातार सुरक्षा देने में मदद करेगा।
#3
माता-पिता और भविष्य की जरूरतों को भी न भूलें
हेल्थ इंश्योरेंस चुनते समय माता-पिता की स्वास्थ्य जरूरतों और बढ़ते इलाज के खर्च को भी ध्यान में रखना चाहिए।
जरूरत हो तो उनके लिए अलग स्वास्थ्य बीमा योजना लेना बेहतर रहेगा। किसी भी पॉलिसी को खरीदने से पहले उसकी शर्तें, मिलने वाले लाभ और कवरेज की अच्छी तरह तुलना करें।
इससे भविष्य में मेडिकल खर्च का बोझ कम होगा और परिवार की आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत बनी रहेगी, साथ ही हर स्थिति में बेहतर वित्तीय तैयारी भी रहेगी।